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Politics: 'EVM छोड़ मतपत्रों पर वापसी तकनीक और प्रगति विरोधी सोच', प्रल्हाद जोशी ने की कर्नाटक सरकार की आलोचना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 06 Feb 2026 05:53 PM IST
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सार

Politics: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्थानीय चुनावों में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के इस्तेमाल के कर्नाटक सरकार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कदम आधुनिक तकनीक के खिलाफ है। पढ़ें रिपोर्ट-

Return to ballot papers reflects anti-technology approach of Karnataka govt: Pralhad Joshi
प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार

केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार की चुनावों में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के इस्तेमाल के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह सोच आधुनिकता और तकनीक के खिलाफ है। 
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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा?
  • प्रह्लाद जोशी ने पत्रकारों से बातचीत कहा कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में भी मतपत्रों का उपयोग करने का कर्नाटक सरकार का फैसला प्रगति के खिलाफ रुख को दर्शाता है।
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  • उन्होंने कहा कि जब पूरा देश आधुनिक तकनीक और विकास की ओर बढ़ रहा है, तब कर्नाटक सरकार का मतपत्रों पर आधारित चुनाव प्रणाली की ओर लौटना दुर्भाग्यपूर्ण है। 
  • उन्होंने कहा कि देशभर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल होने से चुनावी धांधलियों पर काफी हद तक रोक लगी है। इसके बावजूद कांग्रेस शासित राज्य सरकार अपने पार्टी नेतृत्व को खुश करने के लिए ऐसे पिछड़े कदम उठा रही है। 
मतपत्रों के इस्तेमाल पर क्या बोले कर्नाटक के कानून मंत्री?
गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने राज्य में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के इस्तेमाल के लिए कानून में संशोधन करने का फैसला किया है।

राज्य के कानून मंत्री एचके पाटिल ने कहा था कि सरकार ने आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में ईवीएम प्रणाली के बजाय मतपत्रों को इस्तेमाल के लिए जरूरी कानून संशोधन और नियम बनाने की सिफारिश करने का फैसला लिया है। 

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उन्होंने कहा कि पहले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब मतदाता सूची में संशोधन, सुधार और पुनर्गठन की सिफारिश करने का फैसला लिया गया है, ताकि राज्य निर्वाचन आयोग एक उच्च गुणवत्ता वाली मतदाता सूची तैयार कर सके। 
 
पाटिल ने यह भी कहा कि हाल के समय में कर्नाटक में मतदाता सूची तैयार करने में कई खामियां सामने आई हैं और बड़ी तादाद में शिकायतें मिली हैं। आरोप लगे हैं कि सूची में कई ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल थे, जिनका अस्तित्व ही नहीं है।  इस पर पिछले कई महीनों से चर्चा जारी है। 


 
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