फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RSS chief Mohan Bhagwat says Gen Z and Gen Alpha are honest generations

'आंदोलन करना राष्ट्रविरोधी नहीं': Gen Z को मोहन भागवत का समर्थन, कहा-हर बात का तार्किक जवाब चाहते हैं युवा

Thu, 06 Aug 2026 07:03 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 06 Aug 2026 07:03 PM IST
सार

मुंबई में युवाओं को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जेन-जी के विरोध प्रदर्शनों को जायज और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि आज का युवा लॉजिकल जवाब चाहता है। साथ ही उन्होंने शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने और रोजगार में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने और क्या-क्या कहा? जानिए...
 

विज्ञापन
RSS chief Mohan Bhagwat says Gen Z and Gen Alpha are honest generations
मोहन भागवत, सरसंघचालक, आरएसएस - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस सम्मेलन में युवाओं को संबोधित किया। जेन-जी और जेन-अल्फा के छात्रों के बीच उन्होंने लोकतंत्र, आंदोलन, शिक्षा, रोजगार और युवा पीढ़ी की सोच जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे।
विज्ञापन


आंदोलन करना राष्ट्रविरोधी नहीं, लोकतंत्र का हिस्सा: भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि ये युवा इसी देश के नागरिक हैं और देश का भविष्य हैं। लोकतंत्र में आंदोलन अपनी बात रखने, संवाद शुरू करने और सहमति बनाने का एक वैध माध्यम है। उन्होंने कहा कि किसी भी मतभेद का समाधान बातचीत और आपसी सम्मान से ही संभव है।
विज्ञापन


उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं का समाधान भारतीय संविधान के दायरे में ही तलाशा जाना चाहिए। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए सांविधानिक मार्ग पर चलकर ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज का युवा हर बात पर सवाल पूछता है- भागवत
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पहले की तुलना में अलग सोच रखती है। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा के युवा किसी भी बात को बिना समझे स्वीकार नहीं करते। वे हर विषय पर तार्किक और तथ्य आधारित जवाब चाहते हैं। वे हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त हैं। 

उन्होंने अपने समय का जिक्र करते हुए कहा कि पहले परिवार और समाज के बड़े-बुजुर्गों की बातें बिना सवाल किए मान ली जाती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उनके अनुसार यह बदलाव नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक है क्योंकि आज के युवा देश के प्रति अधिक जिम्मेदार, ईमानदार और सेवा भाव रखने वाले हैं। भागवत ने यह भी कहा कि भारतीय परंपरा में 'शास्त्रार्थ' की संस्कृति रही है, जहां किसी भी विषय पर दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निष्कर्ष निकाला जाता है। समाज में भी इसी प्रकार के संवाद की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें: 6 माह में 13 विदेशी दौरे: पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर कितने रुपये हुए खर्च? संसद में सरकार ने दिया जवाब

भागवत बोले-शिक्षा को व्यवसाय नहीं, समाज सेवा का माध्यम बनाना होगा
शिक्षा व्यवस्था को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा को केवल कमाई का साधन या व्यावसायिक धंधा नहीं बनाया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग तक सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। समाज, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिकों को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि हर बच्चे तक अच्छी शिक्षा पहुंच सके।


'रोजगार का मतलब सिर्फ नौकरी नहीं'
रोजगार के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि नौकरी ही रोजगार का एकमात्र विकल्प नहीं है। युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए अवसर पैदा करना और दूसरों को रोजगार देना भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बताते चलें कि मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में विभिन्न मुद्दों पर युवाओं के प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार को लेकर लगातार बहस चल रही है। उन्होंने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक संवाद, सांविधानिक प्रक्रिया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उद्यमिता को भविष्य के भारत की मजबूती के लिए जरूरी बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed