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तमिलनाडु: सात जगहों पर आज आरएसएस का रूट मार्च, मद्रास हाईकोर्ट से मिली अनुमति; दो नवंबर को भी कई कार्यक्रम
Sun, 25 Oct 2026 10:16 AM IST
देवेश त्रिपाठी
आईएएनएस, चेन्नई
आईएएनएस, चेन्नई
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sun, 25 Oct 2026 10:16 AM IST
सार
मद्रास हाईकोर्ट की अनुमति के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रविवार को तमिलनाडु में पथ संचलन आयोजित कर रहा है। चेन्नई और आसपास के सात इलाकों में मार्च निकाले जाएंगे। ये कार्यक्रम संगठन के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शताब्दी समारोह से जुड़े हैं। आरएसएस ने राज्य के 128 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी।
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विजयादशमी कार्यक्रम के तहत 128 स्थानों पर मार्च को मिली अनुमति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) रविवार को चेन्नई समेत तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में रूट मार्च निकालेगा। मद्रास हाईकोर्ट ने संगठन को राज्य के 128 स्थानों पर 25 अक्टूबर और 2 नवंबर को मार्च निकालने की अनुमति दी है। इसके बाद रविवार के कार्यक्रमों की तैयारी की गई है।
चेन्नई और आसपास के इलाकों में रविवार को सात स्थानों पर रूट मार्च निकाला जाएगा। इनमें तिरुवोट्टियूर, कोलाथुर, एग्मोर, कोराट्टूर, अय्यप्पनथंगल, मेडवक्कम और क्रोमपेट शामिल हैं।
विजयादशमी उत्सव के तहत निकाला जाएगा रूट मार्च
ये कार्यक्रम आरएसएस के वार्षिक विजयादशमी उत्सव का हिस्सा हैं। इस दौरान गणवेशधारी स्वयंसेवक रूट मार्च में हिस्सा लेते हैं। इसके बाद सार्वजनिक सभाएं भी आयोजित की जाती हैं। संगठन की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, एग्मोर में रूट मार्च शाम चार बजे रामाडा होटल के पास से शुरू होगा। इसका समापन राजारथिनम स्टेडियम के पास होगा। समापन स्थल पर एक सार्वजनिक सभा भी आयोजित की जाएगी।
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कोलाथुर में रूट मार्च दोपहर तीन बजे पेरावल्लूर स्थित कामराज की प्रतिमा के पास से शुरू होगा। संगठन ने अन्य स्थानों के लिए भी अलग-अलग समय और शुरुआती स्थल तय किए हैं। मार्च शुरू होने से पहले स्वयंसेवक निर्धारित स्थानों पर एकत्र होंगे।
हाईकोर्ट में याचिका के बाद मिली अनुमति
मद्रास हाईकोर्ट की अनुमति उस याचिका पर सुनवाई के बाद मिली, जिसे आरएसएस के राज्य सचिव जगदीशन ने दायर किया था। विजय सरकार की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रमों को अनुमति नहीं दिए जाने के बाद संगठन ने अदालत का रुख किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के 128 स्थानों पर 25 अक्टूबर और 2 नवंबर को पथ संचलन निकालने की अनुमति दे दी। संगठन ने अपने शताब्दी समारोह के तहत पूरे तमिलनाडु में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी।
कर्नाटक के कई हिस्सों में कड़ी सुरक्षा के बीच आरएसएस का पथ संचलन
आरएसएस ने रविवार को अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शताब्दी समारोह और विजयादशमी के अवसर पर बेंगलुरु के कई इलाकों में पथ संचलन किया। इसमें भाजपा नेता आर अशोक और चलवादी नारायणस्वामी भी शामिल हुए। कर्नाटक के कई अन्य जिलों में भी पथ संचलन आयोजित किए गए। हालांकि, अनुमति से जुड़ी समस्याओं के कारण कुछ जगहों पर इन्हें रद्द या स्थगित करना पड़ा।
आरएसएस के सूत्रों ने बताया कि बंगलूरू के जयनगर और चामराजपेट समेत कई इलाकों में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच पथ संचलन निकाला गया। इसका उद्देश्य किसी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। इसमें बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ सदस्यों ने हिस्सा लिया।
1925 में हुई थी आरएसएस की स्थापना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। वर्ष 2025 में संगठन ने अपने 100 साल पूरे किए। अब वह देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर अपनी दूसरी शताब्दी में प्रवेश का जश्न मना रहा है। विजयादशमी संगठन के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इसी दिन उसकी स्थापना हुई थी। इस अवसर पर परंपरागत रूप से गणवेशधारी स्वयंसेवक पथ संचलन निकालते हैं। इसके बाद सभाएं होती हैं, जिनमें वक्ता स्वयंसेवकों और समर्थकों को संबोधित करते हैं।
तमिलनाडु में अनुमति को लेकर पहले भी विवाद
आरएसएस के मुताबिक, तमिलनाडु में करीब सात दशक से पथ संचलन आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्षों में इन कार्यक्रमों की अनुमति को लेकर संगठन और राज्य प्रशासन के बीच विवाद होते रहे हैं। पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन ने अदालतों का रुख किया था। इसके बाद न्यायिक मंजूरी मिलने पर पथ संचलन आयोजित किए गए थे। इनमें सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्यवाही के बाद मिली अनुमति भी शामिल थी।
रविवार के कार्यक्रम मद्रास हाईकोर्ट के ताजा आदेश के तहत आयोजित किए जाएंगे। राज्य के 128 स्वीकृत स्थानों पर प्रस्तावित कार्यक्रमों के बाकी पथ संचलन 2 नवंबर को निकाले जाएंगे।
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चेन्नई और आसपास के इलाकों में रविवार को सात स्थानों पर रूट मार्च निकाला जाएगा। इनमें तिरुवोट्टियूर, कोलाथुर, एग्मोर, कोराट्टूर, अय्यप्पनथंगल, मेडवक्कम और क्रोमपेट शामिल हैं।
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विजयादशमी उत्सव के तहत निकाला जाएगा रूट मार्च
ये कार्यक्रम आरएसएस के वार्षिक विजयादशमी उत्सव का हिस्सा हैं। इस दौरान गणवेशधारी स्वयंसेवक रूट मार्च में हिस्सा लेते हैं। इसके बाद सार्वजनिक सभाएं भी आयोजित की जाती हैं। संगठन की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, एग्मोर में रूट मार्च शाम चार बजे रामाडा होटल के पास से शुरू होगा। इसका समापन राजारथिनम स्टेडियम के पास होगा। समापन स्थल पर एक सार्वजनिक सभा भी आयोजित की जाएगी।
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कोलाथुर में रूट मार्च दोपहर तीन बजे पेरावल्लूर स्थित कामराज की प्रतिमा के पास से शुरू होगा। संगठन ने अन्य स्थानों के लिए भी अलग-अलग समय और शुरुआती स्थल तय किए हैं। मार्च शुरू होने से पहले स्वयंसेवक निर्धारित स्थानों पर एकत्र होंगे।
हाईकोर्ट में याचिका के बाद मिली अनुमति
मद्रास हाईकोर्ट की अनुमति उस याचिका पर सुनवाई के बाद मिली, जिसे आरएसएस के राज्य सचिव जगदीशन ने दायर किया था। विजय सरकार की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रमों को अनुमति नहीं दिए जाने के बाद संगठन ने अदालत का रुख किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के 128 स्थानों पर 25 अक्टूबर और 2 नवंबर को पथ संचलन निकालने की अनुमति दे दी। संगठन ने अपने शताब्दी समारोह के तहत पूरे तमिलनाडु में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी।
कर्नाटक के कई हिस्सों में कड़ी सुरक्षा के बीच आरएसएस का पथ संचलन
आरएसएस ने रविवार को अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शताब्दी समारोह और विजयादशमी के अवसर पर बेंगलुरु के कई इलाकों में पथ संचलन किया। इसमें भाजपा नेता आर अशोक और चलवादी नारायणस्वामी भी शामिल हुए। कर्नाटक के कई अन्य जिलों में भी पथ संचलन आयोजित किए गए। हालांकि, अनुमति से जुड़ी समस्याओं के कारण कुछ जगहों पर इन्हें रद्द या स्थगित करना पड़ा।
आरएसएस के सूत्रों ने बताया कि बंगलूरू के जयनगर और चामराजपेट समेत कई इलाकों में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच पथ संचलन निकाला गया। इसका उद्देश्य किसी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। इसमें बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ सदस्यों ने हिस्सा लिया।
1925 में हुई थी आरएसएस की स्थापना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। वर्ष 2025 में संगठन ने अपने 100 साल पूरे किए। अब वह देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर अपनी दूसरी शताब्दी में प्रवेश का जश्न मना रहा है। विजयादशमी संगठन के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इसी दिन उसकी स्थापना हुई थी। इस अवसर पर परंपरागत रूप से गणवेशधारी स्वयंसेवक पथ संचलन निकालते हैं। इसके बाद सभाएं होती हैं, जिनमें वक्ता स्वयंसेवकों और समर्थकों को संबोधित करते हैं।
तमिलनाडु में अनुमति को लेकर पहले भी विवाद
आरएसएस के मुताबिक, तमिलनाडु में करीब सात दशक से पथ संचलन आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्षों में इन कार्यक्रमों की अनुमति को लेकर संगठन और राज्य प्रशासन के बीच विवाद होते रहे हैं। पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन ने अदालतों का रुख किया था। इसके बाद न्यायिक मंजूरी मिलने पर पथ संचलन आयोजित किए गए थे। इनमें सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्यवाही के बाद मिली अनुमति भी शामिल थी।
रविवार के कार्यक्रम मद्रास हाईकोर्ट के ताजा आदेश के तहत आयोजित किए जाएंगे। राज्य के 128 स्वीकृत स्थानों पर प्रस्तावित कार्यक्रमों के बाकी पथ संचलन 2 नवंबर को निकाले जाएंगे।