{"_id":"697845d493221de31b02795d","slug":"sabarimala-gold-case-opposition-demands-minister-resignation-in-kerala-assembly-political-row-in-kerala-2026-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sabarimala: सबरीमाला सोना चोरी मामले में विपक्ष ने की देवस्वोम मंत्री के इस्तीफे की मांग, सदन से किया वॉकआउट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Sabarimala: सबरीमाला सोना चोरी मामले में विपक्ष ने की देवस्वोम मंत्री के इस्तीफे की मांग, सदन से किया वॉकआउट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 27 Jan 2026 10:28 AM IST
विज्ञापन
सार
केरल में सबरीमाला सोना चोरी मामले पर विपक्ष ने देवस्वोम मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखी है। विरोध में दो विधायक विधानसभा के बाहर सत्याग्रह पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे कोर्ट के खिलाफ विरोध बताया है। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी समेत 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
सबरीमाला मंदिर
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
केरल विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष (यूडीएफ) ने मंगलवार को साफ किया कि वह सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में अपना विरोध जारी रखेगा। विपक्ष देवस्वोम मंत्री वी.एन. वासववन के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि, विपक्ष ने यह भी कहा कि वे सदन की कार्यवाही चलने देंगे और उसमें सहयोग करेंगे।
क्या बोली सरकार?
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने बताया कि विरोध जताने के लिए यूडीएफ के दो विधायक, नजीब कंथापुरम और सी.आर. महेश, सदन के दरवाजे के बाहर सत्याग्रह करेंगे। इस पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केरल हाई कोर्ट इस मामले की जांच पर खुद नजर रख रहा है। इसलिए विपक्ष के इस विरोध को विधानसभा नहीं, बल्कि कोर्ट के खिलाफ माना जाएगा।
ये भी पढ़ें: Sabarimala: सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत; क्या है वजह?
विपक्ष ने किया वॉकआउट
इसके बाद, विपक्ष सदन के बाहर चला गया और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूअमएल) के विधायक कंथापुरम और कांग्रेस विधायक महेश के 'सत्याग्रह' में शामिल हो गया।इससे पहले 22 जनवरी को भी विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद स्पीकर ने मुख्यमंत्री की सलाह पर 23 जनवरी का सत्र रद्द कर दिया था।
अब तक 12 की हो चुकी है गिरफ्तारी
मामला सबरीमाला मंदिर में रक्षक देवता की मूर्तियों और गर्भगृह के दरवाजों से सोना चोरी होने का है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी बेंगलुरु का बिजनेसमैन उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं।
क्या है मामला?
सबरीमाला सोना चोरी का मामला मंदिर की कलाकृतियों से करीब 4.54 किलो सोना गायब होने के आरोपों से जुड़ा है। इसमें श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम और द्वारपालक की मूर्तियां शामिल हैं। आरोप है कि यह चोरी 2019 में मंदिर को फिर से चमकाने और सोने की परत चढ़ाने के काम की आड़ में हुई थी।
यह विवाद 1998 में उद्योगपति विजय माल्या के दान से शुरू हुआ था। उन्होंने सबरीमाला अयप्पा मंदिर में सोने की प्लेटिंग और क्लैडिंग के काम के लिए 30.3 किलो सोना और 1,900 किलो तांबा दिया था। बाद में हुई जांच और कोर्ट की निगरानी में हुई पूछताछ में दान किए गए सोने और इस्तेमाल किए गए सोने की मात्रा में अंतर पाया गया है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Trending Videos
क्या बोली सरकार?
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने बताया कि विरोध जताने के लिए यूडीएफ के दो विधायक, नजीब कंथापुरम और सी.आर. महेश, सदन के दरवाजे के बाहर सत्याग्रह करेंगे। इस पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि केरल हाई कोर्ट इस मामले की जांच पर खुद नजर रख रहा है। इसलिए विपक्ष के इस विरोध को विधानसभा नहीं, बल्कि कोर्ट के खिलाफ माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Sabarimala: सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत; क्या है वजह?
विपक्ष ने किया वॉकआउट
इसके बाद, विपक्ष सदन के बाहर चला गया और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूअमएल) के विधायक कंथापुरम और कांग्रेस विधायक महेश के 'सत्याग्रह' में शामिल हो गया।इससे पहले 22 जनवरी को भी विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद स्पीकर ने मुख्यमंत्री की सलाह पर 23 जनवरी का सत्र रद्द कर दिया था।
अब तक 12 की हो चुकी है गिरफ्तारी
मामला सबरीमाला मंदिर में रक्षक देवता की मूर्तियों और गर्भगृह के दरवाजों से सोना चोरी होने का है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी बेंगलुरु का बिजनेसमैन उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं।
क्या है मामला?
सबरीमाला सोना चोरी का मामला मंदिर की कलाकृतियों से करीब 4.54 किलो सोना गायब होने के आरोपों से जुड़ा है। इसमें श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम और द्वारपालक की मूर्तियां शामिल हैं। आरोप है कि यह चोरी 2019 में मंदिर को फिर से चमकाने और सोने की परत चढ़ाने के काम की आड़ में हुई थी।
यह विवाद 1998 में उद्योगपति विजय माल्या के दान से शुरू हुआ था। उन्होंने सबरीमाला अयप्पा मंदिर में सोने की प्लेटिंग और क्लैडिंग के काम के लिए 30.3 किलो सोना और 1,900 किलो तांबा दिया था। बाद में हुई जांच और कोर्ट की निगरानी में हुई पूछताछ में दान किए गए सोने और इस्तेमाल किए गए सोने की मात्रा में अंतर पाया गया है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन