Supreme Court: 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी को छोड़कर, सभी विचारों का सम्मान', सबरीमाला मामले में 'सुप्रीम' टिप्पणी
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि वह सभी बड़े लेखकों और विचारकों की राय का सम्मान करता है, लेकिन व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी को स्वीकार नहीं कर सकता। यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की संविधान पीठ ने की, जो धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही है। इसमें केरल के सबरीमाला मंदिर का मामला भी शामिल है।
सुनवाई के दौरान दाऊदी बोहरा समुदाय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के एक लेख का जिक्र किया। इस पर मुख्य न्यायाधीश सर्यकांत ने कहा कि व्यक्तिगत राय, व्यक्तिगत ही होती है। इस दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने हल्के अंदाज में कहा कि जानकारी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से नहीं होनी चाहिए। हालांकि वकील कौल ने जवाब में कहा कि ज्ञान कहीं से भी मिले, उसे स्वीकार करना चाहिए।

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