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पवार बनाम पवार की साजिश?: रोहित पवार ने बारामती में खोला चुनावी जंग का कच्चा चिट्ठा, BJP पर लगाए ये गंभीर आरोप
पीटीआई, महाराष्ट्र
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Thu, 23 Apr 2026 04:34 PM IST
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सार
क्या बारामती की जनता एक बार फिर पवार परिवार को आपस में लड़ते हुए देखेगी? रोहित पवार ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि बाहरी ताकतें परिवार की विरासत को खत्म करने के लिए 2029 में 'पवार बनाम पवार' की जंग चाहती हैं। अजीत पवार के निधन के बाद उपजे इस सियासी संकट और जय पवार के चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
रोहित पवार, नेता, एनसीपी (शरद गुट)
- फोटो : IANS
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विस्तार
महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला बारामती एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर बारामती में 'पवार बनाम पवार' की लड़ाई करवाना चाहते हैं ताकि इस परिवार की साख और विरासत को खत्म किया जा सके। बारामती उपचुनाव के दौरान वोट डालने के बाद रोहित पवार ने जो बातें कहीं, उन्होंने भविष्य की राजनीति की एक नई तस्वीर पेश कर दी है।
रोहित पवार ने भाजपा पर क्यों लगाए गंभीर आरोप?
रोहित पवार का निशाना सीधे तौर पर भाजपा और उनके सहयोगियों पर था। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता कभी नहीं चाहती कि पवार परिवार के लोग आपस में लड़ें, लेकिन महायुति सरकार में शामिल कुछ दल इस तरह की प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा दे रहे हैं। रोहित का मानना है कि यह सब शरद पवार साहब और दिवंगत अजीत पवार द्वारा बनाई गई विरासत को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से ऐसी चालें चल रहे हैं जिससे 2029 के चुनावों में भी परिवार के ही दो सदस्य आमने-सामने खड़े हो जाएं।
2029 के चुनाव को लेकर क्या है नई चर्चा?
भविष्य की राजनीति को लेकर रोहित पवार ने एक अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर अजीत पवार की पार्टी से जय पवार मैदान में उतरते हैं, तो मुमकिन है कि उनके सामने युगेंद्र पवार को खड़ा होना पड़े। अगर ऐसा होता है, तो बारामती के लोग एक बार फिर उसी पारिवारिक जंग को देखेंगे जिसे वे पसंद नहीं करते। रोहित ने स्पष्ट किया कि न तो परिवार और न ही जनता इस तरह की कलह चाहती है, लेकिन राजनीतिक गठबंधन अपने फायदे के लिए ऐसा माहौल बना रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Bengal Polls: आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर पथराव, कार के शीशे तोड़े; इलाके में तनाव
बारामती में अब तक क्या-क्या हुआ है?
अजीत पवार को लेकर क्या भावुक खुलासा किया?
रोहित पवार ने एक बहुत बड़ी बात कही कि अजीत पवार दोनों गुटों को एक करना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि अगर अजीत पवार आज जीवित होते, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों का विलय हो चुका होता। रोहित के अनुसार, अगर अजीत दादा होते और यह विलय हो जाता, तो वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि 2029 में अजीत पवार ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते। यह बयान दिखाता है कि परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमी को महसूस किया जा रहा है।
जय पवार और श्रीनिवास पवार की क्या है राय?
इस पूरे विवाद पर परिवार के अन्य सदस्यों की भी प्रतिक्रिया आई है। अजीत पवार के छोटे बेटे जय पवार का कहना है कि जनता की मांग है कि वह 2029 में चुनाव लड़ें, लेकिन फिलहाल वह केवल एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सेवा करना चाहते हैं। वहीं, अजीत पवार के भाई श्रीनिवास पवार ने इस पूरी बहस को ही गैर-जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि 2029 अभी बहुत दूर है और जो चीजें भविष्य में होनी हैं, उन पर अभी से टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
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रोहित पवार ने भाजपा पर क्यों लगाए गंभीर आरोप?
रोहित पवार का निशाना सीधे तौर पर भाजपा और उनके सहयोगियों पर था। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता कभी नहीं चाहती कि पवार परिवार के लोग आपस में लड़ें, लेकिन महायुति सरकार में शामिल कुछ दल इस तरह की प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा दे रहे हैं। रोहित का मानना है कि यह सब शरद पवार साहब और दिवंगत अजीत पवार द्वारा बनाई गई विरासत को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से ऐसी चालें चल रहे हैं जिससे 2029 के चुनावों में भी परिवार के ही दो सदस्य आमने-सामने खड़े हो जाएं।
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2029 के चुनाव को लेकर क्या है नई चर्चा?
भविष्य की राजनीति को लेकर रोहित पवार ने एक अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर अजीत पवार की पार्टी से जय पवार मैदान में उतरते हैं, तो मुमकिन है कि उनके सामने युगेंद्र पवार को खड़ा होना पड़े। अगर ऐसा होता है, तो बारामती के लोग एक बार फिर उसी पारिवारिक जंग को देखेंगे जिसे वे पसंद नहीं करते। रोहित ने स्पष्ट किया कि न तो परिवार और न ही जनता इस तरह की कलह चाहती है, लेकिन राजनीतिक गठबंधन अपने फायदे के लिए ऐसा माहौल बना रहे हैं।
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बारामती में अब तक क्या-क्या हुआ है?
- पिछले लोकसभा चुनाव में ननद-भाभी यानी सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें सुप्रिया सुले की जीत हुई।
- सके बाद सुनेत्रा पवार को राज्यसभा भेजा गया और अब बारामती उपचुनाव में वह फिर से उम्मीदवार हैं।
- नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव में चाचा अजीत पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार के बीच बड़ी टक्कर हुई थी।
- उस चुनाव में अजीत पवार ने एक लाख से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।
- अब चर्चा जय पवार को लेकर है, जिन्होंने खुद कहा है कि लोग चाहते हैं कि वह 2029 का चुनाव लड़ें।
अजीत पवार को लेकर क्या भावुक खुलासा किया?
रोहित पवार ने एक बहुत बड़ी बात कही कि अजीत पवार दोनों गुटों को एक करना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि अगर अजीत पवार आज जीवित होते, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों का विलय हो चुका होता। रोहित के अनुसार, अगर अजीत दादा होते और यह विलय हो जाता, तो वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि 2029 में अजीत पवार ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते। यह बयान दिखाता है कि परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमी को महसूस किया जा रहा है।
जय पवार और श्रीनिवास पवार की क्या है राय?
इस पूरे विवाद पर परिवार के अन्य सदस्यों की भी प्रतिक्रिया आई है। अजीत पवार के छोटे बेटे जय पवार का कहना है कि जनता की मांग है कि वह 2029 में चुनाव लड़ें, लेकिन फिलहाल वह केवल एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सेवा करना चाहते हैं। वहीं, अजीत पवार के भाई श्रीनिवास पवार ने इस पूरी बहस को ही गैर-जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि 2029 अभी बहुत दूर है और जो चीजें भविष्य में होनी हैं, उन पर अभी से टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
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