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Tamil Nadu Election: जारी रहेगा द्रविड़ पार्टियों का संग्राम या एक अभिनेता को नेता चुनेगा तमिलनाडु? तय होगा आज
इवेंट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:56 AM IST
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सार
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को वोटिंग है। इस बार चुनाव में जहां द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा। वहीं, पहली बार चुनाव में उतरे तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।
तमिलनाडु में आज चुनाव का दिन।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार (23 अप्रैल) को मतदान है। राज्य की द्रविड़ पार्टियां- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) अभी भी मुख्य रूप से आमने-सामने हैं। राष्ट्रीय पार्टियां- भाजपा और कांग्रेस बैक सीट पर यानी इन दलों के साथ चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि, इस पूरे मुकाबले में इस बार रंग जमाया है अभिनेता विजय ने, जिनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम तमिलनाडु की राजनीति में स्थापित पार्टियों को कड़ी चुनौती देने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर तमिलनाडु में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों से जुड़ी जानकारी क्या है? इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे उतरे हैं? तमिलनाडु में इस बार कड़ी टक्कर किस-किस सीट पर होने की संभावना है? राज्य में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे? इस बार तमिलनाडु के चुनावी मुद्दे क्या हैं? आइये जानते हैं...
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर तमिलनाडु में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों से जुड़ी जानकारी क्या है? इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे उतरे हैं? तमिलनाडु में इस बार कड़ी टक्कर किस-किस सीट पर होने की संभावना है? राज्य में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे? इस बार तमिलनाडु के चुनावी मुद्दे क्या हैं? आइये जानते हैं...
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मतदाताओं और मतदान केंद्रों की क्या स्थिति?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदाताओं और मतदान केंद्रों के संदर्भ में चुनाव आयोग की तरफ से विस्तृत आंकड़े और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
मतदान केंद्रों से जुड़ी विशेष व्यवस्थाएं
- इस बार राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान के दिन भीड़ कम करने के लिए हर एक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है।
- चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के लिए 100% मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसे लगातार जारी रखने के इंतजाम भी किए गए हैं।
- हर मतदान केंद्र पर पीने का पानी, वेटिंग शेड, पानी युक्त शौचालय, पर्याप्त रोशनी और दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर हेतु 1:12 के ढलान वाले स्थायी रैंप की व्यवस्था की गई है।
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक मतदान केंद्र ऐसा होगा जिसे पूरी तरह से महिलाओं की ओर प्रबंधित किया जाएगा। - इसमें पुलिस और सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं ही होंगी। इसी तरह हर एक विधानसभा में कम से कम एक केंद्र का प्रबंधन विशेष रूप से दिव्यांग कर्मियों की किया जाएगा।
- जिले के सबसे कम उम्र के पात्र कर्मचारियों द्वारा प्रबंधित कम से कम एक मतदान केंद्र होगा। साथ ही इको-फ्रेंडली और स्थानीय कला-संस्कृति को दर्शाने वाले मॉडल मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं।
- मतदाता अपना मोबाइल फोन मतदान केंद्र के अंदर नहीं ले जा सकेंगे, लेकिन उनकी सुविधा के लिए प्रवेश द्वार के ठीक बाहर मोबाइल फोन (स्विच-ऑफ़ मोड में) जमा करने की व्यवस्था होगी, जिसके बदले उन्हें एक टोकन दिया जाएगा।
- वोट की पूर्ण गोपनीयता के लिए एकसमान 30x24x24 इंच आकार वाले अपारदर्शी स्टील-ग्रे रंग के वोटिंग कंपार्टमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा।
- मतदाता सूची में अपना क्रमांक और बूथ सही से ढूंढने में मदद करने के लिए मतदान परिसरों में विशेष सहायता बूथ भी स्थापित किए जाएंगे।
इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे चुनावी मैदान में?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में कई दिग्गज राजनेता और चर्चित चेहरे चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें मुख्यमंत्री स्टालिन से लेकर विपक्षी दल अन्नाद्रमुक के प्रमुख नेता ई. पलानीस्वामी और अभिनेता से नेता बने विजय तक शामिल हैं।एमके. स्टालिन: तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष, इस बार कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
एदापद्दी के. पलानीस्वामी: मुख्य विपक्षी दल के नेता और एआईएडीएमके गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। वे एदापद्दी सीट से चुनाव मैदान में हैं।
दलपति विजय: दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता विजय अपनी नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के साथ पहली बार राजनीतिक मैदान में उतरे हैं और वे पेरम्बूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
उदयनिधि स्टालिन: मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे और वर्तमान सरकार में प्रमुख चेहरा, जो चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
ओ. पन्नीरसेल्वम: एआईएडीएमके से निष्कासित होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने द्रमुक का दामन थाम लिया है और अब वे द्रमुक के टिकट पर बोडिनायक्कनूर से चुनाव लड़ रहे हैं।
तमिलिसाई सुंदरराजन: पूर्व राज्यपाल और भाजपा की प्रमुख नेता, जो मैलापुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
एल. मुरुगन: भाजपा के एक और बड़े नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री इस बार अविनाशी सुरक्षित सीट से मैदान में हैं।
नायनार नागेंद्रन: भाजपा के वरिष्ठ नेता जो सत्तूर से चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रेमलता विजयकांत: डीएमडीके की नेता, जो इस बार विरुधाचलम से चुनाव लड़ रही हैं।
सौम्या अंबुमणि: पत्तली मक्कल कच्ची (पीएमके) के प्रमुख अंबुमणि रामदौस की पत्नी सौम्या अंबुमणि धर्मपुरी सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
वी. सेंथिल बालाजी: कुछ समय पहले ही केंद्रीय एजेंसियों की जांच में घिरे और द्रमुक सरकार में मंत्री रहे वी. सेंथिल बालाजी कोयंबटूर दक्षिण से चुनावी मैदान में हैं।
वीके. शशिकला: इन्होंने अपनी एक नई पार्टी 'ऑल इंडिया पुरत्ची थलैवर मक्कल मुनेत्र कझगम बनाई है और पीएमके के एक गुट के साथ गठबंधन करके 120 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।
एल. मुरुगन: भाजपा के एक और बड़े नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री इस बार अविनाशी सुरक्षित सीट से मैदान में हैं।
नायनार नागेंद्रन: भाजपा के वरिष्ठ नेता जो सत्तूर से चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रेमलता विजयकांत: डीएमडीके की नेता, जो इस बार विरुधाचलम से चुनाव लड़ रही हैं।
सौम्या अंबुमणि: पत्तली मक्कल कच्ची (पीएमके) के प्रमुख अंबुमणि रामदौस की पत्नी सौम्या अंबुमणि धर्मपुरी सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
वी. सेंथिल बालाजी: कुछ समय पहले ही केंद्रीय एजेंसियों की जांच में घिरे और द्रमुक सरकार में मंत्री रहे वी. सेंथिल बालाजी कोयंबटूर दक्षिण से चुनावी मैदान में हैं।
वीके. शशिकला: इन्होंने अपनी एक नई पार्टी 'ऑल इंडिया पुरत्ची थलैवर मक्कल मुनेत्र कझगम बनाई है और पीएमके के एक गुट के साथ गठबंधन करके 120 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।
तमिलनाडु में इस बार किस सीट पर और क्यों कड़ी टक्कर की संभावना?
तमिलनाडु चुनाव में किसी एक या दो सीट पर नहीं, बल्कि राज्य की कई सीटों पर कड़ी टक्कर होने के आसार हैं। इस बार राज्य में डीएमके गठबंधन, एआईएडीएमके गठबंधन, अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम और सीमान की नाम तमिझर काची (एनटीके) के बीच एक कड़ा चार-तरफा मुकाबला देखने को मिल रहा है। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके सत्ता-विरोधी जगह पर कब्जा करने के लिए सीधे द्रमुक पर हमला कर रही है। माना जा रहा है कि टीवीके उन अल्पसंख्यक (ईसाई और मुस्लिम) वोटों में भी बड़ी सेंध लगा सकती है, जो पारंपरिक रूप से द्रमुक के पक्के समर्थक माने जाते रहे हैं। जिन क्षेत्रों में एआईएडीएमके कमजोर है, जैसे चेन्नई, उसके आसपास के इलाके और कावेरी डेल्टा क्षेत्र, वहां विजय की टीवीके मजबूती से प्रचार में उभरी है और बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने में सफल रही है। ऐसे में इन सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है।तमिलनाडु में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021 में द्रमुक के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) ने शानदार जीत दर्ज की थी और एआईएडीएमके के लगातार 10 साल के शासन को खत्म कर सरकार बनाई थी।राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में से डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 159 सीटें जीतीं। वहीं मुख्य विपक्षी गठबंधन एनडीए (एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन) को 75 सीटें मिलीं।
चुनाव नतीजों को देखा जाए तो सामने आता है कि द्रमुक ने 234 सीट वाली विधानसभा में अकेले 133 सीटें जीतकर पिछले 25 वर्षों में पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत (118 का जादुई आंकड़ा) हासिल किया। द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल मिलाकर 45.38% वोट मिले, जिसमें अकेले द्रमुक का वोट शेयर 37.70% रहा, जबकि एनडीए गठबंधन 39.71% वोट मिले, जिसमें एआईएडीएमके का हिस्सा 33.29% रहा।
इन दो प्रमुख गठबंधनों के अलावा कोई भी अन्य पार्टियां, जैसे- कमल हासन की मक्कल निधी मय्यम, टीटीवी. दिनाकरन की एएमएमके या सीमान की एनटीके और यहां तक कि निर्दलीय उम्मीदवार एक भी सीट नहीं जीत सका। इस चुनाव परिणाम के बाद एमके. स्टालिन तमिलनाडु के 12वें मुख्यमंत्री बने। चुनाव में एक बड़ा उलटफेर यह रहा कि पलानीस्वामी सरकार के 11 मंत्री अपनी-अपनी सीटों से चुनाव हार गए थे।
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