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UP: गाय ने बढ़ाई महिलाओं की कमाई, पंचगव्य से बना रहीं मूर्तियां, दीपक, अगरबत्ती जैसे कई सामान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 03 Feb 2026 03:45 PM IST
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सार

यूपी के संभल में महिलाएं पंचगव्य से 2.5 लाख तक की कमाई कर रही हैं। सामूहिक रूप से तैयार करती हैं मूर्तियां, दीपक, अगरबत्ती, दीवार घड़ी, चौकी, मोबाइल स्टैंड तैयार करके बेच रही हैं। 

Sambhal, women income making idols, lamps, incense sticks, and other items from panchgavya
संभल में पंचगव्य से बढ़ी महिलाओं की कमाई - फोटो : UP GOV
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विस्तार
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गांव बनियाखेड़ा, संभल की अनुपमा सिंह ने मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री लेने के बाद कहीं बाहर जाने के बजाय अपने गांव में ही अपनी किस्मत संवारी। उन्होंने जानकी महिला स्वयं सहायता समूह के साथ मिलकर पंचगव्य से अपनी जिंदगी बदली। अब वे मूर्तियां, दीपक, अगरबत्ती, दीवार घड़ी, चौकी, मोबाइल स्टैंड और अन्य उत्पाद बनाकर सालाना करीब 2.5 लाख रुपये कमा रही हैं। साथ ही उन्होंने गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया, जो आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का संबल बन रही हैं। इसके साथ ही वह हर्बल गुलाल बनाकर मार्केट के केमिकल वाले रंगों से बचाती भी हैं।

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समूह से जुड़ाव ने बदल दी तस्वीर

अनुपमा जानकी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं तो साप्ताहिक बैठकें शुरू हुईं। कम ब्याज पर ऋण मिलने लगा और समस्याएं साझा मंच पर सुलझने लगीं। समूह से पहली बार ऋण लेकर उन्होंने पंचगव्य उत्पादों का काम शुरू किया। समय पर ऋण चुकाया, नियमित बचत शुरू की और धीरे-धीरे यही कदम बड़े उद्यम की बुनियाद बन गया।

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गोमय उत्पादों से नई पहचान

अनुपमा ने प्रशिक्षण के बाद घर पर ही गोबर की मूर्तियां, दीपक, अगरबत्ती, दीवार घड़ी, चौकी, मोबाइल स्टैंड और हर्बल गुलाल बनाना शुरू किया। देखते ही देखते गांव में इन उत्पादों की पहचान बनी। मेलों व स्थानीय बाजारों में ऑर्डर मिलने लगे। आज वे न सिर्फ खुद काम कर रही हैं, बल्कि अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं, जिससे कई परिवारों की आय बढ़ी। 

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रशिक्षण से उन्हें प्रोसेसिंग व पैकेजिंग की तकनीक मिली। धीरे-धीरे गांव और आस-पास के कस्बों में इन उत्पादों की मांग बढ़ी। आज गो आधारित ये उत्पाद उनके बिजनेस का मजबूत स्तंभ बन गए हैं, जिससे उन्हें हर महीने 20,000 रुपये की आय होने लगी है।

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