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SKM: संयुक्त किसान मोर्चा बढ़ाएगा सरकार की टेंशन, भारत-US व्यापार समझौते के खिलाफ कर ली ये बड़ी तैयारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Fri, 27 Feb 2026 09:32 AM IST
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सार

'मजबूत भारत के लिए मजबूत राज्य' नामक अपने अभियान के तहत किसान संगठन ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम, 2017 में संशोधन करने और राज्यों की कराधान शक्तियों को बहाल करने के साथ केंद्रीय करों के विभाज्य कोष में उनकी हिस्सेदारी को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का आह्वान किया।

Samyukt Kisan Morcha to meet CMs opposition Leaders over US trade deal seeks Piyush Goyal dismissal
संयुक्त किसान मोर्चा - फोटो : ANI
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विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने गुरुवार को दो राष्ट्रव्यापी अभियानों की घोषणा की। इनका उद्देश्य राज्य सरकारों पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करने, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को बर्खास्त करने की मांग करने और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बहाल करने के लिए जीएसटी कानून में संशोधन करने का दबाव बनाना है।
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एसकेएम ने कहा कि उसकी राज्य और राष्ट्रीय समितियों के सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं से मिलेंगे। इस मुलाकात में किसान संगठन की ओर से उठाए गए मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करेंगे।
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राज्य सरकारों से व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का किया अनुरोध
एसकेएम ने एक ज्ञापन में राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे केंद्र से अमेरिका के साथ उस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का अनुरोध करें, जिसे उसने 'राष्ट्र-विरोधी' समझौता बताया है। इसमें पीयूष गोयल को 'किसानों के हितों के साथ विश्वासघात' करने के लिए बर्खास्त करने और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के उस पत्र को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें राज्यों को गेहूं और धान पर बोनस भुगतान समाप्त करने के लिए कहा गया है।

भारत और अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की, जिसके तहत वाशिंगटन टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर करने और उसे लागू करने के लिए इस रूपरेखा को कानूनी दस्तावेज में परिवर्तित करना होगा।

श्रम कानूनों और वीबीजीआरएएमजी अधिनियम को निरस्त करने की मांग
एसकेएम ने चारों श्रम कानूनों और वीबीजीआरएएमजी अधिनियम को निरस्त करने और अब निरस्त हो चुके महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजी अधिनियम) के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को बहाल करने की भी मांग की।

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संविधान के तहत कृषि को राज्य का विषय बताते हुए एसकेएम ने कहा कि राज्यों को सभी फसलों के लिए 2+50 प्रतिशत पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने और सुनिश्चित खरीद के लिए कानून बनाने चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीणों पर कर्ज और किसान आत्महत्याओं से निपटने के लिए व्यापक ऋण माफी देनी चाहिए।

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