'व्हाट्सएप पर बूमर्स को किया जाए बैन': बेटे ईशान की मांग पर थरूर का पलटवार, फ्रांस के कानून से कैसे छिड़ी बहस?
फ्रांस के नए सोशल मीडिया कानून से शुरू हुई बहस भारत में भी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई। शशि थरूर के बेटे ईशान ने व्हाट्सएप पर 'बूमर्स' को बैन करने की बात कही, तो कांग्रेस सांसद ने एक जवाब में पूरी चर्चा की दिशा बदल दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
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विस्तार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनके बेटे ईशान थरूर के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'बूमर्स' को लेकर बहस छिड़ गई। ईशान थरूर ने कहा कि भारत में व्हाट्सएप पर 'बूमर्स' यानी पुरानी पीढ़ी के लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इस पर शशि थरूर ने जवाब देते हुए कहा कि भारत में लगभग हर पीढ़ी 'बेबी बूमर्स' की श्रेणी में आती है।
पूरे विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
दरअसल, फ्रांस ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने वाला कानून पारित किया है। इसके साथ ही वह ऐसा करने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है। इसी मुद्दे पर Zoho के चीफ साइंटिस्ट श्रीधर बेम्बु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत को भी छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रहकर किताबें पढ़नी चाहिए, धूप में खेलना चाहिए और मिट्टी से जुड़ना चाहिए।
ईशान थरूर ने क्या कहा?
श्रीधर बेम्बु की पोस्ट को रीशेयर करते हुए ईशान थरूर ने लिखा कि वह इस बात से सहमत हैं कि छोटे बच्चों को सोशल मीडिया पर नहीं होना चाहिए। लेकिन इससे पहले भारत को व्हाट्सएप पर 'बूमर्स' यानी पुरानी पीढ़ी के लोगों पर रोक लगाने की जरूरत है।
शशि थरूर ने बेटे को क्या जवाब दिया?
ईशान थरूर की टिप्पणी पर शशि थरूर ने जवाब देते हुए लिखा, "मेरे बेटे, पश्चिम के उलट भारत में बच्चों के जन्म के तरीके को देखें तो यहां लगभग हर पीढ़ी, तुम्हारी पीढ़ी भी, बेबी बूमर्स की श्रेणी में आती है।" इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपनी-अपनी राय साझा की।
Given our reproductive patterns, my son, unlike in the West, every generation of Indians, including yours, qualifies as [baby]Boomers! https://t.co/wpCgTXHsMb
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 26, 2026
फ्रांस का नया कानून क्या है?
फ्रांस की संसद ने जनवरी 2027 से 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने वाले कानून को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए सभी को अपनी उम्र का सत्यापन कराना होगा। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब ब्रिटेन और यूरोपीय संघ भी बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर नए नियम बनाने पर काम कर रहे हैं।
कानून को लेकर क्या प्रतिक्रिया सामने आई?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कानून का स्वागत किया है और अपने कार्यकाल के 10 वर्ष पूरे होने पर इसे लागू करने का वादा किया था। हालांकि, कुछ लोगों ने इस कानून के व्यावहारिक होने पर सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि उम्र की जांच करने वाले ऑनलाइन टूल सुरक्षित और प्रभावी हैं। मंगलवार को फ्रांस की सीनेट और नेशनल असेंबली ने इस प्रतिबंध को मंजूरी दे दी, जबकि वामपंथी खेमे के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया।