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शशि थरूर के बेटे को आया गुस्सा: हनुमान की मूर्ति पर यूएस के शख्स को लताड़ा, ईसाइयों का क्यों किया जिक्र?

Mon, 21 Sep 2026 02:24 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 21 Sep 2026 02:24 PM IST
सार

एक अमेरिकी सोशल मीडिया यूजर ने भगवान हनुमान की मूर्ति की तस्वीर साझा कर उसे गिराने की बात कही। इस पर ईशान थरूर ने जवाब देते हुए भारत में ईसाई धर्म के इतिहास का जिक्र किया और धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल उठाया। 

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Shashi Tharoor's son gets angry: Slams US man over Hanuman statue; why did he mention Christians?
ईशान थरूर को क्यों आया गुस्सा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान ने हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणी करने वाले एक अमेरिकी व्यक्ति को फटकार लगाई। ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका में ईसाई धर्म के आने से सैकड़ों साल पहले ही यह भारत में आ चुका था। दरअसल, एक सोशल मीडिया यूजर ने  हनुमान जी की एक मूर्ति की तस्वीर शेयर कर उसे गिराने की बात कर रहा था।
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क्या है पूरा मामला? 
जेसी ह्यू नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने भगवान हनुमान की मूर्ति की एक फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा, 'जब हम जीतेंगे, तो हम इसे गिरा देंगे।' इस पर थरूर ने जवाब दिया, 'मुझे नहीं पता कि इस नासमझ को यह पता है या नहीं कि अमेरिका में ईसाई धर्म के आने से 1,500 साल पहले ही भारत में ईसाई धर्म आ गया था। भारत में हजारों चर्च हैं। फिर भी, क्या अमेरिका भगवान हनुमान की मूर्ति बर्दाश्त नहीं कर सकता? हर जगह धार्मिक राष्ट्रवादी दुनिया के सबसे कमजोर और अपनी ही छवि को लेकर सबसे ज्यादा परेशान रहने वाले लोग होते हैं।'
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ईशान थरूर कौन हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1984 में जन्मे ईशान अमेरिका में एक पत्रकार हैं। उनका जन्म सिंगापुर में हुआ था। उनके जुड़वां भाई का नाम कनिष्क है। वह केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे हैं। वह मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मामलों और वैश्विक राजनीति पर लिखते हैं। हाल ही में वॉशिंगटन पोस्ट में छंटनी के बाद वह चर्चा में आए थे।


'द न्यू यॉर्कर' के अनुसार, ईशान 'ग्लोबल नोट्स' नाम से अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर एक कॉलम लिखते हैं। इससे पहले, उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट में लगभग एक दशक बिताया, जहां उन्होंने 'वर्ल्ड व्यू' कॉलम लिखा। 2021 में, अमेरिकन एकेडमी ऑफ डिप्लोमेसी ने उन्हें कमेंट्री के लिए 'आर्थर रॉस मीडिया अवार्ड' से सम्मानित किया।



उन्हें 2024 में 'टेड सोरेनसन अवार्ड' मिला। वह 'काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस' में 2026-27 के लिए 'एडवर्ड आर. मरो प्रेस फेलो' भी हैं। इससे पहले, वह आठ साल तक 'टाइम' (Time) में सीनियर एडिटर और कॉरेस्पोंडेंट रहे और सिंगापुर व न्यूयॉर्क में संस्था के लिए काम किया।


 
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