सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Show of strength in Bhawanipur Dola Festival before Holi, with Suvendu's activism heating up Bengal politics

Bengal: होली से पहले दोल महोत्सव पर भवानीपुर में शक्ति प्रदर्शन, शुभेंदु की सक्रियता से बंगाल की सियासत गरम

N Arjun एन अर्जुन
Updated Tue, 03 Mar 2026 07:15 PM IST
विज्ञापन
सार

Bengal: भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने दोल महोत्सव के मौके पर भवानीपुर में धार्मिक आस्था और राजनीति को जोड़ते हुए जनसंपर्क अभियान चलाया। भवानीपुर में मतदाता सूची विवाद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक मौजूदगी के चलते यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है। पढ़िए रिपोर्ट-

Show of strength in Bhawanipur Dola Festival before Holi, with Suvendu's activism heating up Bengal politics
सुभेंदु अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल में दोल महोत्सव के दिन राजनीति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी दोल की सुबह कोलकाता के भवानीपुर पहुंचकर जनसंपर्क अभियान में उतर गए। हाथ में गोपाल की प्रतिमा लेकर उन्होंने पदयात्रा की, पूजा-अर्चना की और समर्थकों के साथ भगवा वस्त्रों में शक्ति प्रदर्शन किया।
Trending Videos


दोल महोत्सव बंगाल में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, जिसे देश के कई हिस्सों में होली के रूप में जाना जाता है। श्रीकृष्ण और राधा की आराधना, अबीर-गुलाल, कीर्तन और शोभायात्राओं के साथ यह पर्व यहां भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। विशेषकर गौड़ीय वैष्णव परंपरा में दोल का गहरा महत्व है। ऐसे में इस दिन किसी राजनीतिक दल का सार्वजनिक कार्यक्रम केवल धार्मिक भागीदारी नहीं, बल्कि व्यापक सांस्कृतिक संदेश भी माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भवानीपुर इस समय राज्य की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर यहां विवाद जारी है। इसी सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ती रही हैं और हाल ही में उन्होंने कहा कि 'एक वोट से भी जीतना पड़े तो जीतूंगी।' इसके बाद से यह सीट राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।

ये भी पढ़ें: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने सीएम ममता के क्षेत्र में निकाली रैली, हिंदुओं से एकता की अपील

विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर में इसलिए विशेष जोर दे रहे हैं, क्योंकि यह मुकाबला सीधे तौर पर ममता बनर्जी बनाम भाजपा की छवि का बन चुका है। नंदीग्राम की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए भाजपा इस सीट को प्रतीकात्मक जीत के रूप में देख रही है। दोल जैसे सांस्कृतिक पर्व पर हिंदू बहुल इलाकों में जनसंपर्क कर भाजपा ने सांस्कृतिक पहचान और चुनावी गणित—दोनों को साधने का प्रयास किया है।

राधा-माधव मंदिर में पूजा और स्थानीय लोगों से संवाद के जरिए शुभेंदु ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भवानीपुर की लड़ाई केवल एक विधानसभा सीट की नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक परिवर्तन की है। चुनाव नजदीक आते ही इस सीट पर सियासी तापमान और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed