ONOE: बढ़ सकता है समिति का कार्यकाल, एक साथ चुनाव कराने के लिए अटॉर्नी जनरल और पूर्व जज करेंगे चर्चा
'एक देश एक चुनाव' के मुद्दे पर संसद की संसदीय समिति मंगलवार को बड़े लेवल पर मंथन करने वाली है। इस बैठ जहां अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल इस सुनवाई में अपनी राय देंगे।
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव पर संसद की संसदीय समिति मंगलवार को विचार-विमर्श करेगी। सूत्रों की माने तो अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति और दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष डीएन पटेल इस सुनवाई में अपनी राय देंगे।
एक या दो दिन बढ़ सकता है कार्यकाल
सूत्रों के मुताबिक, समिति का कार्यकाल एक या दो दिन बढ़ाया जा सकता है, क्योंकि भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय की आवश्यकता होगी। समिति को यह रिपोर्ट 4 अप्रैल को समाप्त होने वाले संसद के चालू सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन प्रस्तुत करनी थी, लेकिन अब समय बढ़ने की संभावना है।
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समिति इस समय कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर रही है और अन्य हितधारकों से भी राय ले रही है। इस प्रक्रिया में वेंकटरमणी और पटेल समिति के सामने अपनी राय पेश करेंगे। अब तक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित और रंजन गोगोई, प्रसिद्ध वकील हरीश साल्वे, और दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ए पी शाह समिति के सामने अपनी राय दे चुके हैं। इन विशेषज्ञों ने संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा की, जो लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की दिशा में है।
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विपक्षी सदस्य उठा रहे सवाल
हालांकि मामले में विपक्षी सदस्य इस प्रस्ताव पर सवाल उठा रहे हैं और यह जानना चाहते हैं कि क्या यह कदम संविधान के अनुरूप है। वे सरकार से यह भी जानना चाहते हैं कि एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में क्या तर्क हैं। वर्तमान में समिति में 38 सदस्य हैं, जिनमें से दो विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। देखा जाए तो समिति की यह सुनवाई इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक अहम कदम हो सकती है, जिससे भविष्य में चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ेगा।