{"_id":"6ae850538dceab6f880ba6f7","slug":"sudhanshu-trivedi-attacks-the-india-alliance-rahul-is-a-challenge-to-democracy-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"'राहुल लोकतंत्र के लिए चुनौती': सुधांशु त्रिवेदी का इंडिया गठबंधन पर हमला, कहा- भारत की तरक्की से खुश नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'राहुल लोकतंत्र के लिए चुनौती': सुधांशु त्रिवेदी का इंडिया गठबंधन पर हमला, कहा- भारत की तरक्की से खुश नहीं
Mon, 02 Nov 2026 02:26 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, भुवनेश्वर
एएनआई, भुवनेश्वर
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 02 Nov 2026 02:26 PM IST
सार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भुवनेश्वर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ भ्रम फैला रहा है।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को भुवनेश्वर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सबसे बेहतर स्थिति में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा।
सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'आप सभी जानते हैं कि इस समय पूरी दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भाजपा और एनडीए सरकार के साथ, भारत इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सबसे बेहतर स्थिति में आगे बढ़ रहा है। हम दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहे हैं। परसों ही, विश्व बैंक ने अपनी 2025 की रिपोर्ट में भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत सरकार ने पिछले 12-13 वर्षों में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में जबरदस्त सफलता हासिल की है।'
उन्होंने आगे कहा, 'विश्व बैंक के अनुसार, 2011-12 में जहां 27 प्रतिशत लोग अत्यधिक गरीबी रेखा के नीचे थे। वहीं अब यह आंकड़ा घटकर केवल 2.6 प्रतिशत रह गया है। 2011-12 में जहां 57 प्रतिशत लोग प्रतिदिन 4.2 डॉलर (आज के हिसाब से लगभग 400-425 रुपये) से कम कमाते थे वहीं आज इस स्तर से नीचे केवल 16 प्रतिशत लोग हैं।'
विज्ञापन
कुछ लोगों को भारत का विकास रास नहीं आ रहा
सुधांशु त्रिवेदी आगे कहते हैं, 'एआई, रक्षा उत्पादन और उभरती हुई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में भारत जिस तेजी से वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर जो उल्लेखनीय प्रगति हुई है, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि कुछ ताकतों को यह विकास रास नहीं आ रहा है। ये ताकतें भारत के भीतर और बाहर दोनों जगह मौजूद हैं, और दुर्भाग्य से, ऐसा लगता है कि विपक्ष इनके हाथों की कठपुतली बन गया है। भारत गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है। लेकिन, विपक्ष का मौजूदा रवैया बताता है कि वे इस प्रगति या राष्ट्रीय स्वाभिमान की बढ़ती भावना से खुश नहीं हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधे हुए कहा, 'फिलहाल, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी, भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। राहुल गांधी ने एक गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश की है, जिसमें वे दावा करते हैं कि 'सत्ता-विरोधी लहर' चल रही है और उनकी पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर पा रही है। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा राहुल, आप केवल अराजकता फैला रहे हैं, लेकिन ठोस और वास्तविक तथ्य क्या कहते हैं? पिछले पच्चीस वर्षों से ओडिशा में कांग्रेस का एक भी मुख्यमंत्री नहीं रहा है। 1995 से आप गुजरात से नदारद हैं। 1990 से आप उत्तर प्रदेश और बिहार से गायब हैं। इन राज्यों में कुल 120 सीटें आती हैं। राहुल गांधी, राजनीति में आपके आने से पहले ही, आपकी पार्टी ऐसी स्थिति में नहीं थी कि 10 सीटें भी जीत सके।
'क्या कांग्रेस पार्टी के बीएलए सो रहे थे'
सुधांशु त्रिवेदी आगे कहा, 'ऐसे राज्यों में, जहां कुल 230 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। वहां से 272 सीटें जीतने की उम्मीद कैसे की जा सकती थी? जबकि बाकी बची 300 सीटों में से ही यह लक्ष्य हासिल करना था। यही हकीकत है, और शायद इसीलिए ये लोग चुनाव आयोग की ओर से सरकारी कर्मचारियों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का काम सौंपा जाता है। इन्हें बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) कहा जाता है। नाम जोड़ने या हटाने की इस प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए, राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधि नियुक्त करते हैं, जिन्हें बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) कहा जाता है। पूरे देश में, चुनाव आयोग द्वारा 12 लाख बीएलओ और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 22 लाख बीएलए नियुक्त किए गए हैं। ऐसे में, मेरा सवाल है। क्या कांग्रेस पार्टी के बीएलए सो रहे थे या किसी नशे में धुत थे?
उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने इन सूचियों पर हस्ताक्षर किए, या अगर हस्ताक्षर नहीं किए, तो क्या उन्होंने कोई आपत्ति जताई? इससे पता चलता है कि हकीकत कुछ और ही है; इनका मकसद भ्रम पैदा करना और भारत के लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के लिए मुश्किलें खड़ी करना है। इसके अलावा, जरा इस नैरेटिव को फैलाने वालों के नेताओं के बयानों पर भी गौर करें। केरल में वे सत्ता में हैं, और वहां के गृह मंत्री, रमेश चेन्नीथला ने कहा है कि उन्हें असल में एसआईआर से फायदा ही हुआ है।'
विज्ञापन
सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'आप सभी जानते हैं कि इस समय पूरी दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भाजपा और एनडीए सरकार के साथ, भारत इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सबसे बेहतर स्थिति में आगे बढ़ रहा है। हम दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहे हैं। परसों ही, विश्व बैंक ने अपनी 2025 की रिपोर्ट में भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत सरकार ने पिछले 12-13 वर्षों में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में जबरदस्त सफलता हासिल की है।'
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा, 'विश्व बैंक के अनुसार, 2011-12 में जहां 27 प्रतिशत लोग अत्यधिक गरीबी रेखा के नीचे थे। वहीं अब यह आंकड़ा घटकर केवल 2.6 प्रतिशत रह गया है। 2011-12 में जहां 57 प्रतिशत लोग प्रतिदिन 4.2 डॉलर (आज के हिसाब से लगभग 400-425 रुपये) से कम कमाते थे वहीं आज इस स्तर से नीचे केवल 16 प्रतिशत लोग हैं।'
विज्ञापन
कुछ लोगों को भारत का विकास रास नहीं आ रहा
सुधांशु त्रिवेदी आगे कहते हैं, 'एआई, रक्षा उत्पादन और उभरती हुई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में भारत जिस तेजी से वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर जो उल्लेखनीय प्रगति हुई है, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि कुछ ताकतों को यह विकास रास नहीं आ रहा है। ये ताकतें भारत के भीतर और बाहर दोनों जगह मौजूद हैं, और दुर्भाग्य से, ऐसा लगता है कि विपक्ष इनके हाथों की कठपुतली बन गया है। भारत गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है। लेकिन, विपक्ष का मौजूदा रवैया बताता है कि वे इस प्रगति या राष्ट्रीय स्वाभिमान की बढ़ती भावना से खुश नहीं हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधे हुए कहा, 'फिलहाल, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी, भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। राहुल गांधी ने एक गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश की है, जिसमें वे दावा करते हैं कि 'सत्ता-विरोधी लहर' चल रही है और उनकी पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर पा रही है। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा राहुल, आप केवल अराजकता फैला रहे हैं, लेकिन ठोस और वास्तविक तथ्य क्या कहते हैं? पिछले पच्चीस वर्षों से ओडिशा में कांग्रेस का एक भी मुख्यमंत्री नहीं रहा है। 1995 से आप गुजरात से नदारद हैं। 1990 से आप उत्तर प्रदेश और बिहार से गायब हैं। इन राज्यों में कुल 120 सीटें आती हैं। राहुल गांधी, राजनीति में आपके आने से पहले ही, आपकी पार्टी ऐसी स्थिति में नहीं थी कि 10 सीटें भी जीत सके।
'क्या कांग्रेस पार्टी के बीएलए सो रहे थे'
सुधांशु त्रिवेदी आगे कहा, 'ऐसे राज्यों में, जहां कुल 230 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। वहां से 272 सीटें जीतने की उम्मीद कैसे की जा सकती थी? जबकि बाकी बची 300 सीटों में से ही यह लक्ष्य हासिल करना था। यही हकीकत है, और शायद इसीलिए ये लोग चुनाव आयोग की ओर से सरकारी कर्मचारियों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का काम सौंपा जाता है। इन्हें बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) कहा जाता है। नाम जोड़ने या हटाने की इस प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए, राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधि नियुक्त करते हैं, जिन्हें बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) कहा जाता है। पूरे देश में, चुनाव आयोग द्वारा 12 लाख बीएलओ और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 22 लाख बीएलए नियुक्त किए गए हैं। ऐसे में, मेरा सवाल है। क्या कांग्रेस पार्टी के बीएलए सो रहे थे या किसी नशे में धुत थे?
उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने इन सूचियों पर हस्ताक्षर किए, या अगर हस्ताक्षर नहीं किए, तो क्या उन्होंने कोई आपत्ति जताई? इससे पता चलता है कि हकीकत कुछ और ही है; इनका मकसद भ्रम पैदा करना और भारत के लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं के लिए मुश्किलें खड़ी करना है। इसके अलावा, जरा इस नैरेटिव को फैलाने वालों के नेताओं के बयानों पर भी गौर करें। केरल में वे सत्ता में हैं, और वहां के गृह मंत्री, रमेश चेन्नीथला ने कहा है कि उन्हें असल में एसआईआर से फायदा ही हुआ है।'