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'अभिषेक बनर्जी की याचिका पर जल्द करें फैसला': सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा, क्या है मामला?
Mon, 03 Aug 2026 01:24 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:24 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की विदेश में चिकित्सा उपचार की अनुमति से जुड़ी लंबित याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट से जल्द फैसला करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि आवेदन पर शीघ्र विचार किया जाना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की उस लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई कर फैसला करने को कहा, जिसमें उन्होंने आंख की विशेष चिकित्सा के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा विदेश यात्रा की तत्काल अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि हाईकोर्ट में दाखिल आवेदन केवल अंतरिम संरक्षण आदेश में संशोधन की मांग से जुड़ा है, ताकि उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल सके। उन्होंने कहा, "यह एक साधारण आवेदन है, जिसमें केवल चिकित्सा उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देने के उद्देश्य से हाईकोर्ट के संरक्षण आदेश में संशोधन का अनुरोध किया गया है। माननीय न्यायालय इससे कहीं अधिक गंभीर मामलों में भी मुझे यह राहत दे चुका है।"
अदालत में किसने दी क्या दलील?
प्रतिवादियों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह आवेदन पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट की समेकित मासिक सूची में शामिल किया जा चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि हाईकोर्ट से इसे किसी निश्चित तारीख पर सुनवाई के लिए लेने का अनुरोध किया जा सकता है।
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इस पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट से लंबित आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने को कहा। पीठ ने कहा, "चिकित्सा उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी आवेदन हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसा प्रतीत होता है कि अब तक इसकी कोई तारीख तय नहीं हुई है। इसलिए हम हाईकोर्ट से कहते हैं कि वह इस आवेदन पर विचार करे।"
क्यों नहीं मिली अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से राहत?
अभिषेक बनर्जी के विदेश यात्रा पर लगी रोक एक पुराने आदेश के कारण है, जो लंबित आपराधिक मामले में पारित किया गया था। उस आदेश में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देते हुए यह शर्त लगाई थी कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाएंगे।
यह शर्त हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े आपराधिक मामले में गिरफ्तारी पर रोक देते समय लगाई गई थी। विदेश यात्रा की तत्काल अनुमति देने से इनकार करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से चिकित्सकीय जांच कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि विदेश में इलाज की आवश्यकता पर कोई फैसला मेडिकल जांच के बाद ही किया जाएगा।
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अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि हाईकोर्ट में दाखिल आवेदन केवल अंतरिम संरक्षण आदेश में संशोधन की मांग से जुड़ा है, ताकि उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल सके। उन्होंने कहा, "यह एक साधारण आवेदन है, जिसमें केवल चिकित्सा उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देने के उद्देश्य से हाईकोर्ट के संरक्षण आदेश में संशोधन का अनुरोध किया गया है। माननीय न्यायालय इससे कहीं अधिक गंभीर मामलों में भी मुझे यह राहत दे चुका है।"
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अदालत में किसने दी क्या दलील?
प्रतिवादियों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह आवेदन पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट की समेकित मासिक सूची में शामिल किया जा चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि हाईकोर्ट से इसे किसी निश्चित तारीख पर सुनवाई के लिए लेने का अनुरोध किया जा सकता है।
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इस पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट से लंबित आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने को कहा। पीठ ने कहा, "चिकित्सा उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी आवेदन हाईकोर्ट में लंबित है। ऐसा प्रतीत होता है कि अब तक इसकी कोई तारीख तय नहीं हुई है। इसलिए हम हाईकोर्ट से कहते हैं कि वह इस आवेदन पर विचार करे।"
क्यों नहीं मिली अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से राहत?
अभिषेक बनर्जी के विदेश यात्रा पर लगी रोक एक पुराने आदेश के कारण है, जो लंबित आपराधिक मामले में पारित किया गया था। उस आदेश में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देते हुए यह शर्त लगाई थी कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाएंगे।
यह शर्त हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े आपराधिक मामले में गिरफ्तारी पर रोक देते समय लगाई गई थी। विदेश यात्रा की तत्काल अनुमति देने से इनकार करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से चिकित्सकीय जांच कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि विदेश में इलाज की आवश्यकता पर कोई फैसला मेडिकल जांच के बाद ही किया जाएगा।