सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court said Mere purchase not enough for prosecution in property fraud case

Supreme Court: फर्जी वसीयत केस में खरीदार को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया 20 साल पुराना आपराधिक मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shubham Kumar Updated Tue, 28 Apr 2026 03:54 PM IST
विज्ञापन
सार

सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल पुराने फर्जी वसीयत और जमीन धोखाधड़ी मामले में बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ विवादित संपत्ति खरीदना अपराध नहीं है, जब तक धोखाधड़ी या साजिश का ठोस सबूत न हो।

Supreme Court said Mere purchase not enough for prosecution in property fraud case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

वसीयत और जमीन धोखाधड़ी से जुडे मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। इसके तहत कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में 20 साल पुराने फर्जी वसीयत और जमीन धोखाधड़ी मामले में एक खरीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को खत्म कर दिया है।

Trending Videos


यह मामला तमिलनाडु के करूर जिले से जुड़ा है। यह केस 2004 की एफआईआर से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप था कि एक वसीयत को फर्जी तरीके से तैयार कर जमीन बेची गई और असली उत्तराधिकारियों को उनके हक से वंचित किया गया। इस मामले में कई लोगों के साथ-साथ जमीन खरीदने वाले भी आरोपी बनाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- West Bengal: अजय पाल शर्मा पर बरसे जहांगीर खान, पुलिस पर्यवेक्षक पर TMC उम्मीदवार के परिवार को धमकाने का आरोप

कोर्ट ने किस बात को नहीं माना अपराध
मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता शामिल थे, ने कहा कि सिर्फ किसी विवादित संपत्ति को पैसे देकर खरीद लेना अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि खरीदार ने धोखाधड़ी या साजिश में हिस्सा लिया हो। कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि खरीदार ने फर्जी वसीयत बनाने में कोई भूमिका निभाई थी या उसे इसकी जानकारी थी। इसलिए उसके खिलाफ आपराधिक केस जारी रखना गलत होगा।


ये भी पढ़ें:- रक्षा क्षमता में होगा इजाफा: भारत को रूस से मिलेगी एस-400 मिसाइल की चौथी खेप, अमेरिकी प्रतिबंधों का होगा असर?

नुकसान खरीदार को होता है- कोर्ट
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति मालिक होने का दावा करके संपत्ति बेचता है, तो आमतौर पर नुकसान खरीदार को होता है, न कि तीसरे पक्ष को जब तक कि धोखाधड़ी में उसकी सीधी भूमिका साबित न हो। कोर्ट ने यह मानते हुए कि इस खरीदार के खिलाफ केस चलाना न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा, उसके खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी। हालांकि, बाकी आरोपियों के खिलाफ केस चलता रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed