Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने नवी मुंबई एयरपोर्ट नामकरण याचिका ठुकराई, कहा- नाम तय करना अदालत का काम नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार को महाराष्ट्र सरकार के उस प्रस्ताव पर समयबद्ध निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जिसमें नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने की बात कही गई है। महाराष्ट्र सरकार ने प्रस्ताव दिया था कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'लोकनेता डी.बी. पाटिल नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट' रखा जाए।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पांचोली शामिल थे, ने याचिकाकर्ता संगठन प्रकाशज्योत सामाजिक संस्था की ओर से पेश वकील को स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला न्यायालय के हस्तक्षेप का नहीं है। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा "यह नीति निर्माण का विषय है, इसमें अदालत कैसे हस्तक्षेप कर सकती है?"
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि वह इस याचिका पर विचार करने के पक्ष में नहीं है, जो बॉम्बे हाई कोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश को चुनौती दे रही थी। हाई कोर्ट ने पहले ही इस याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी कि वह अपनी बात सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रख सकता है। सुनवाई के दौरान पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा "क्या यह अदालत का काम है कि किसी एयरपोर्ट का नाम क्या होना चाहिए?" इस फैसले के साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण से जुड़ा विवाद फिलहाल न्यायिक दायरे से बाहर हो गया है और अब यह मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।