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14 जून को दिल्ली पहुंचेंगे CM शुभेंदु अधिकारी: TMC के बागी सांसदों से करेंगे मुलाकात, क्या है BJP की रणनीति?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 12 Jun 2026 06:04 PM IST
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सार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 14 जून को दिल्ली में बागी टीएमसी सांसदों से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे। सांसद जगदीश बसुनिया ने इस अहम बैठक की पुष्टि की है।
शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रविवार को देश की राजधानी दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बागी तृणमूल कांग्रेस सांसदों के साथ एक बड़ी बैठक करेंगे। यह मुलाकात रविवार को होगी। इसके ठीक बाद बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करने वाले हैं। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि खुद बागी टीएमसी सांसद जगदीश बसुनिया ने की है।
दिल्ली में महामंथन
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा और बागी सांसदों से मुलाकात एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। बागी गुट लोकसभा स्पीकर के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में है। उससे ठीक पहले शुभेंदु अधिकारी के साथ होने वाली यह बैठक बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। जगदीश बसुनिया के बयान ने साफ कर दिया है कि बागी धड़ा अब पूरी तरह से आर-पार के मूड में आ चुका है।
स्पीकर से मुलाकात से पहले रणनीति
बागी टीएमसी सांसदों की लोकसभा स्पीकर के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले यह मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार का दिन दिल्ली की सियासत के लिए बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक के बाद बागी सांसदों का अगला कदम क्या होगा।
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यह भी पढ़ें: नाविकों पर अमेरिकी हमले से भड़का भारत: US राजनयिक को फिर किया तलब, MEA ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
भाजपा की सोची-समझी रणनीति!
राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, इस पूरे खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी की एक बहुत बड़ी और सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के बाद भाजपा अब दिल्ली में भी ममता बनर्जी को पूरी तरह कमजोर कर देना चाहती है। भाजपा की सीधी कोशिश यह है कि बागी सांसदों को साथ लेकर लोकसभा में टीएमसी के दबदबे को खत्म किया जाए। यही वजह है कि खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दिल्ली आकर इन बागियों से मुलाकात करेंगे, ताकि इन बागी सांसदों को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पाले में लाकर केंद्र में अपनी ताकत को और मजबूत किया जा सके।
टीएमसी की पतली हालत
दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पार्टी की हालत एक के बाद एक ढहते ताश के पत्तों जैसी हो गई है। पहले बंगाल विधानसभा में करीब 60 विधायकों ने बगावत की और अब दिल्ली में 20 लोकसभा सांसदों के बागी होने से पार्टी के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। ममता बनर्जी की लाख कोशिशों और वफादार नेताओं के बयानों के बावजूद सांसदों का यह गुट अब उनके हाथ से निकलता जा रहा है। पार्टी के भीतर मची इस भगदड़ ने नेतृत्व को बेबस कर दिया है और टीएमसी इस समय पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी है।
दिल्ली में महामंथन
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा और बागी सांसदों से मुलाकात एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। बागी गुट लोकसभा स्पीकर के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में है। उससे ठीक पहले शुभेंदु अधिकारी के साथ होने वाली यह बैठक बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। जगदीश बसुनिया के बयान ने साफ कर दिया है कि बागी धड़ा अब पूरी तरह से आर-पार के मूड में आ चुका है।
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स्पीकर से मुलाकात से पहले रणनीति
बागी टीएमसी सांसदों की लोकसभा स्पीकर के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले यह मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार का दिन दिल्ली की सियासत के लिए बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक के बाद बागी सांसदों का अगला कदम क्या होगा।
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भाजपा की सोची-समझी रणनीति!
राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, इस पूरे खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी की एक बहुत बड़ी और सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के बाद भाजपा अब दिल्ली में भी ममता बनर्जी को पूरी तरह कमजोर कर देना चाहती है। भाजपा की सीधी कोशिश यह है कि बागी सांसदों को साथ लेकर लोकसभा में टीएमसी के दबदबे को खत्म किया जाए। यही वजह है कि खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दिल्ली आकर इन बागियों से मुलाकात करेंगे, ताकि इन बागी सांसदों को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पाले में लाकर केंद्र में अपनी ताकत को और मजबूत किया जा सके।
टीएमसी की पतली हालत
दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पार्टी की हालत एक के बाद एक ढहते ताश के पत्तों जैसी हो गई है। पहले बंगाल विधानसभा में करीब 60 विधायकों ने बगावत की और अब दिल्ली में 20 लोकसभा सांसदों के बागी होने से पार्टी के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। ममता बनर्जी की लाख कोशिशों और वफादार नेताओं के बयानों के बावजूद सांसदों का यह गुट अब उनके हाथ से निकलता जा रहा है। पार्टी के भीतर मची इस भगदड़ ने नेतृत्व को बेबस कर दिया है और टीएमसी इस समय पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी है।