{"_id":"6a32748ac9ecec1e9e01fff8","slug":"tamil-nadu-movement-on-right-track-to-become-political-party-by-july-k-annamalai-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"'50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य': अन्नामलाई बोले-जुलाई तक राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है 'वी द लीडर्स' आंदोलन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य': अन्नामलाई बोले-जुलाई तक राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है 'वी द लीडर्स' आंदोलन
पीटीआई, चेन्नई
Published by: Pavan
Updated Wed, 17 Jun 2026 03:48 PM IST
विज्ञापन
सार
अन्नामलाई ने कहा कि कई तकनीकी विशेषज्ञ और पेशेवर राजनीति में आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के कई सफल तमिल लोग, जो अमेरिका, लंदन और दुनिया के अन्य हिस्सों में काम कर रहे हैं, राजनीति में योगदान देना चाहते हैं, लेकिन उन्हें प्रवेश का रास्ता नहीं दिखता।
के. अन्नामलाई, संस्थापक, वी द लीडर्स
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा है कि उनका हाल ही में शुरू किया गया ‘वी द लीडर्स’ आंदोलन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और जुलाई तक इसे एक राजनीतिक दल के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि संगठन का लक्ष्य 50 लाख सदस्य जोड़ने का है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयोजित एक वीडियो संवाद में अन्नामलाई ने कहा कि अब तक करीब 18 लाख लोग बिना किसी व्यक्तिगत लाभ या अपेक्षा के इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि सदस्यता अभियान केवल ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि लोगों से सीधे मिलकर भी चलाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- चार्टर्ड फ्लाइट और 15 करोड़ का दावा: '2022 दोहराया तो चुप नहीं बैठेंगे', टूट की अटकलों पर राउत ने दी चेतावनी
'आंदोलन न तो असफल होगा, न झूठ बोलेगा'
अन्नामलाई ने कहा कि लोग इस विश्वास के साथ संगठन से जुड़ रहे हैं कि यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि जुलाई से जब यह आंदोलन एक राजनीतिक संगठन के रूप में काम शुरू करेगा तो इसकी गतिविधियों का स्वरूप अलग होगा और जनता को इसका असर देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि उनका आंदोलन न तो असफल होगा, न झूठ बोलेगा और न ही लोगों को गलत दिशा में ले जाएगा। धर्म के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनके संगठन के लिए सभी धर्म समान हैं और इस विषय पर कोई दो राय नहीं है।
विज्ञापन
'संगठन को एक जन आंदोलन में बदलना उद्देश्य'
अन्नामलाई ने कहा कि आने वाले महीनों में सदस्यता अभियान लगातार जारी रहेगा। उनका उद्देश्य संगठन को एक जन आंदोलन में बदलना है, जो राज्य के विभिन्न मुद्दों को जनता के सामने मजबूती से उठाए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि उनका संगठन इसे जमीनी स्तर पर बड़े जन आंदोलन के रूप में उठाएगा। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
यह भी पढ़ें- आईएनएस दूनागिरी से संशोधक तक: भारतीय नौसेना इस हफ्ते कोलकाता में तीन युद्धपोत कमीशन करेगी, जानें इनकी खासियत
नेतृत्व में बदलाव होता रहना चाहिए- अन्नामलाई
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बनने के बाद राजनीति में ‘टर्म लिमिट’ यानी कार्यकाल की सीमा लागू करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उनका मानना है कि राजनीति में समय-समय पर नए लोगों को अवसर मिलना चाहिए और नेतृत्व में बदलाव होता रहना चाहिए। अन्नामलाई ने कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें नए चेहरे, पेशेवर लोग और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा सकें।
यह भी पढ़ें- चार्टर्ड फ्लाइट और 15 करोड़ का दावा: '2022 दोहराया तो चुप नहीं बैठेंगे', टूट की अटकलों पर राउत ने दी चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन
'आंदोलन न तो असफल होगा, न झूठ बोलेगा'
अन्नामलाई ने कहा कि लोग इस विश्वास के साथ संगठन से जुड़ रहे हैं कि यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि जुलाई से जब यह आंदोलन एक राजनीतिक संगठन के रूप में काम शुरू करेगा तो इसकी गतिविधियों का स्वरूप अलग होगा और जनता को इसका असर देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि उनका आंदोलन न तो असफल होगा, न झूठ बोलेगा और न ही लोगों को गलत दिशा में ले जाएगा। धर्म के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनके संगठन के लिए सभी धर्म समान हैं और इस विषय पर कोई दो राय नहीं है।
'संगठन को एक जन आंदोलन में बदलना उद्देश्य'
अन्नामलाई ने कहा कि आने वाले महीनों में सदस्यता अभियान लगातार जारी रहेगा। उनका उद्देश्य संगठन को एक जन आंदोलन में बदलना है, जो राज्य के विभिन्न मुद्दों को जनता के सामने मजबूती से उठाए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि उनका संगठन इसे जमीनी स्तर पर बड़े जन आंदोलन के रूप में उठाएगा। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
यह भी पढ़ें- आईएनएस दूनागिरी से संशोधक तक: भारतीय नौसेना इस हफ्ते कोलकाता में तीन युद्धपोत कमीशन करेगी, जानें इनकी खासियत
नेतृत्व में बदलाव होता रहना चाहिए- अन्नामलाई
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बनने के बाद राजनीति में ‘टर्म लिमिट’ यानी कार्यकाल की सीमा लागू करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उनका मानना है कि राजनीति में समय-समय पर नए लोगों को अवसर मिलना चाहिए और नेतृत्व में बदलाव होता रहना चाहिए। अन्नामलाई ने कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें नए चेहरे, पेशेवर लोग और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सक्रिय भूमिका निभा सकें।