{"_id":"66433074ecc04574470f111f","slug":"telecom-department-spam-calls-personal-loan-credit-card-government-rules-guidelines-news-and-updates-2024-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Spam Calls: अब नहीं आएंगे पर्सनल लोन-क्रेडिट कार्ड के फर्जी कॉल और मैसेज, सरकार लाने जा रही ये नए नियम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Spam Calls: अब नहीं आएंगे पर्सनल लोन-क्रेडिट कार्ड के फर्जी कॉल और मैसेज, सरकार लाने जा रही ये नए नियम
Tue, 14 May 2024 03:05 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 14 May 2024 03:05 PM IST
सार
इसी वर्ष की शुरुआत में डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने स्पैम कॉल्स को रोकने के लिए एक समिति बनाई थी। इस कमेटी ने स्पैम कॉल्स को कंट्रोल करने के लिए नए दिशानिर्देश को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
विज्ञापन
टेलीकॉम क्षेत्र में सरकार का नया कदम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आपके मोबाइल पर दिनभर में आने वाले बैंकिंग फ्रॉड काल्स पर सरकार ने पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी कर ली है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार की नई गाइडलाइन बहुत ही सख्त होगी। इससे फर्जी स्पैम कॉल पर रोक लग सकेगी।
दरअसल, सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद मार्केटिंग कंपनियां हर बार स्पैम कॉल्स या बिजनेस कॉल्स के लिए कोई न कोई तरीका निकाल लेती हैं। इससे पहले भी टेलीकॉम सेक्टर के नियामक ट्राई ने सभी कंपनियों को कॉल के साथ नाम दिखाने का निर्देश दिया था। लेकिन कुछ कंपनियों को छोड़ किसी ने इस निर्देश का ठीक से पालन नहीं किया। ट्राई ने स्मार्टफोन निर्माताओं को भी यह निर्देश दिया था कि वे भी अपने डिवाइस में यूजर्स को इस तरह के फीचर्स दें। ताकि आम लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो।
इसी वर्ष की शुरुआत में डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने स्पैम कॉल्स को रोकने के लिए एक समिति बनाई थी। इस कमेटी ने स्पैम कॉल्स को कंट्रोल करने के लिए नए दिशानिर्देश को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। 10 मई को लेकर एक बैठक भी हुई। इसमें टेलीकॉम डिपार्टमेंट, ट्राई, डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स की सचिव निधि खरे, सेलुलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, बीएसएनएल, वोडाफोन, रिलायंस और एयरटेल के अधिकारी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
कमेटी की इस बैठक में यह चर्चा हुई कि किस तरह के फोन कॉल्स को स्पैम कॉल की कैटेगरी में रखा जाए। इनमें अवैध कॉल्स और मैसेज की परिभाषा भी तय की गई है। समिति ने नए नियम को लेकर विस्तृत चर्चा कर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अब इसे डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स की अंतिम मुहर लगना बाकी है।
बैठक में इस कमेटी ने यूजर्स की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्वीकार किया कि अनचाहे और असमय कॉल्स से यूजर्स को बड़ी परेशानी होती है। इस पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है। ट्राई और टेलीकॉम डिपार्टमेंट इस तरह के कॉल्स को कंट्रोल करने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मार्केटिंग कंपनियों ने हर बार नया रास्ता ढूंढ लिया है। लेकिन इस बार कमिटी इसे लेकर सख्त नियम बना रही है। समिति इसके लिए बैंक, फाइनेंशियल कंपनियों, इंश्योरेंस कंपनियों और ट्रेडिंग कंपनियों को डिजिटल कंटेंट एक्वीजीशन सिस्टम विकसित करने का आदेश भी दिया गया है। यांनी इसके बाद, ग्राहक खुद तय करेंगे कि उनके नंबर पर कॉल्स आने चाहिए या नहीं।
विज्ञापन
दरअसल, सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद मार्केटिंग कंपनियां हर बार स्पैम कॉल्स या बिजनेस कॉल्स के लिए कोई न कोई तरीका निकाल लेती हैं। इससे पहले भी टेलीकॉम सेक्टर के नियामक ट्राई ने सभी कंपनियों को कॉल के साथ नाम दिखाने का निर्देश दिया था। लेकिन कुछ कंपनियों को छोड़ किसी ने इस निर्देश का ठीक से पालन नहीं किया। ट्राई ने स्मार्टफोन निर्माताओं को भी यह निर्देश दिया था कि वे भी अपने डिवाइस में यूजर्स को इस तरह के फीचर्स दें। ताकि आम लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो।
विज्ञापन
इसी वर्ष की शुरुआत में डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने स्पैम कॉल्स को रोकने के लिए एक समिति बनाई थी। इस कमेटी ने स्पैम कॉल्स को कंट्रोल करने के लिए नए दिशानिर्देश को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। 10 मई को लेकर एक बैठक भी हुई। इसमें टेलीकॉम डिपार्टमेंट, ट्राई, डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स की सचिव निधि खरे, सेलुलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, बीएसएनएल, वोडाफोन, रिलायंस और एयरटेल के अधिकारी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
कमेटी की इस बैठक में यह चर्चा हुई कि किस तरह के फोन कॉल्स को स्पैम कॉल की कैटेगरी में रखा जाए। इनमें अवैध कॉल्स और मैसेज की परिभाषा भी तय की गई है। समिति ने नए नियम को लेकर विस्तृत चर्चा कर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अब इसे डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स की अंतिम मुहर लगना बाकी है।
बैठक में इस कमेटी ने यूजर्स की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्वीकार किया कि अनचाहे और असमय कॉल्स से यूजर्स को बड़ी परेशानी होती है। इस पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है। ट्राई और टेलीकॉम डिपार्टमेंट इस तरह के कॉल्स को कंट्रोल करने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मार्केटिंग कंपनियों ने हर बार नया रास्ता ढूंढ लिया है। लेकिन इस बार कमिटी इसे लेकर सख्त नियम बना रही है। समिति इसके लिए बैंक, फाइनेंशियल कंपनियों, इंश्योरेंस कंपनियों और ट्रेडिंग कंपनियों को डिजिटल कंटेंट एक्वीजीशन सिस्टम विकसित करने का आदेश भी दिया गया है। यांनी इसके बाद, ग्राहक खुद तय करेंगे कि उनके नंबर पर कॉल्स आने चाहिए या नहीं।