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'केरलम की सोच ऐसी नहीं’: महिलाओं पर मौलवी के बयान पर सतीशन का पलटवार, इस्लामिक इतिहास का क्यों दिया उदाहरण?

Wed, 02 Sep 2026 12:05 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 02 Sep 2026 12:05 PM IST
सार

केरलम में महिलाओं को घर तक सीमित रखने वाले सुन्नी विद्वान कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार के बयान पर मुख्यमंत्री सतीशन ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रगतिशील केरलम की सोच नहीं है। इसके साथ ही सतीशन ने इस्लामिक इतिहास का उदाहरण दिया। आईए जानतें हैं उन्होंने क्या कहा? 

 

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That not Kerala mindset Satheesan hits back at cleric's remarks on women; why did he cite Islamic history?
वीडी सतीशन,  मुख्यमंत्री, केरलम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को सुन्नी इस्लामिक विद्वान कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के एक बयान का कड़ा विरोध किया। दरअसल, उन्होंने कहा था कि महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए। मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि ऐसी सोच केरलम की प्रगतिशील परंपरा के अनुसार नहीं है। 

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मुख्यमंत्री ने क्या कहा? 
सतीशन ने राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,' हम इस बयान से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। यह सोच प्रगतिशील केरलम के अनुकूल नहीं है। हम किसी भी तरह से इससे सहमत नहीं हो सकते। महिलाओं को केवल घरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें जीवन के सभी क्षेत्रों में भाग लेना चाहिए और समाज में अहम भूमिका निभानी चाहिए। इसमें कोई शक नहीं कि यही हमारी प्रगतिशील सोच है।'

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क्या है पूरा मामला? 
वे उस विवाद पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जो रविवार को कोच्चि में एक इस्लामिक सम्मेलन में कांतपुरम के बयान के बाद शुरू हुआ था। कांतपुरम ने कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से 'भारी तबाही' होगी। इस्लाम में इसे रोकने के लिए महिलाओं के लिए पर्दा प्रथा का नियम है।

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मुख्यमंत्री ने पैगंबर मुहम्मद की पत्नी का उदाहरण क्यों दिया? 
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसी सोच इस्लामिक इतिहास की गलत व्याख्या है। उन्होंने पैगंबर मुहम्मद की पहली पत्नी खदीजा का उदाहरण दिया, जो एक सफल बिजनेसवुमन थीं। उन्होंने पैगंबर की एक और पत्नी आयशा का भी जिक्र किया। इसमें कहा कि उन्होंने 'ऊंट की लड़ाई' (बैटल ऑफ द कैमल) में हिस्सा लिया था और नेतृत्व की भूमिका निभाई थी।

सतीशन ने रानी बिलकिस का भी उदाहरण दिया। कहा कि इस्लामिक इतिहास में उन्हें एक शासक के तौर पर दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, 'एक महिला थी जिसने व्यापार किया, एक महिला जिसने सैन्य कमांडर की भूमिका निभाई और एक महिला जो रानी थी। ये सभी उदाहरण इस्लामिक इतिहास में मौजूद हैं।'

मुख्यमंत्री ने एक ऐसी घटना का भी जिक्र किया जिसमें खलीफाओं के समय में एक महिला ने 'मेहर' (शादी के समय दूल्हे द्वारा दुल्हन को दी जाने वाली रकम) से जुड़े एक फैसले पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि शासक ने माना कि महिला की बात सही थी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'ये उदाहरण दिखाते हैं कि शाही दरबार में भी महिलाओं की जगह थी। इसलिए, हम किसी भी तरह से ऐसी सोच से सहमत नहीं हो सकते।'

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