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तैयारी: 2026 में कोड डायरेक्टरी से होगी अब तक की सबसे बड़ी जनगणना; पहले मकान की गणना फिर लोगों की होगी गिनती
अजीत खरे, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 01 Jan 2026 07:02 AM IST
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सार
जनगणना के दूसरे चरण में पूछे जाने वाले कई प्रश्नों के लिए भी एक अलग कोड डायरेक्टरी बनेगी। इसमें वर्णनात्मक व गैर-संख्यात्मक प्रविष्टियों से जुड़े प्रश्नों व उससे संभावित जवाब और कोड होंगे। मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के दौरान सभी भवनों, जनगणना मकानों और परिवार की पहचान की जाएगी। इससे मानव बस्तियों की स्थितियों, आवास की कमी के बाबत सही जानकारी सामने आएगी।
2026 में कोड डायरेक्टरी से होगी जनगणना
- फोटो : Freepik
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विस्तार
नए साल में देश अब तक के सबसे बड़े जनगणना अभियान का साक्षी बनेगा। साल 2026 में पहले मकानों का सूचीकरण व गणना होगी और दूसरे चरण में जनगणना कराई जाएगी। 135 करोड़ से ज्यादा लोगों की गिनती के लिए जनगणना कोड डायरेक्टरी तैयार की जा रही है। यह डायरेक्टरी तीस लाख प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को दी जाएगी ताकि वह जनगणना करते वक्त सही से जवाब अंकित कर सकें। कोड डायरेक्टरी में घर के मुखिया से संबंध, मातृभाषा और अन्य भाषा का ज्ञान, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा के प्रकार, जन्म स्थान या अंतिम निवास स्थान और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वगैरह के संबंध में कोड होंगे।
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आवास आवश्यकताओं पर व्यापक आंकड़े प्राप्त होने से आवास संबंधी प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकेंगी। परिवारों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों पर आंकड़े तमाम नीतियों को बनाने में उपयोगी होंगे। यह मकान सूचीकरण के तहत ब्लॉकों का जनसंख्या आकार जनसंख्या गणना के लिए आधार प्रदान करेगा। जनगणना के दूसरे चरण के दौरान, प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उसके व्यक्तिगत विवरण जैसे आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, मातृभाषा, शिक्षा का स्तर, विकलांगता, आर्थिक गतिविधि, प्रवासन, प्रजनन (महिला के लिए) एकत्र होंगे।
सुरक्षित रखे जाएंगे गणना प्रपत्र
जनगणना पूरी हो जाने के बाद सभी भरे हुए जनगणना प्रपत्र सुरक्षित रखे जाएंगे। इसमें गणनाकर्ताओं द्वारा व स्वयं-गणना के माध्यम से भरे गए दोनो तरह के प्रपत्र शामिल हैं। यह सभी प्रपत्र राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के जनगणना संचालन निदेशक के कार्यालय में रखे जाएंगे। भारत के महारजिस्ट्रार के कार्यालय सर्वर में डेटा केवल एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत किया जाएगा...डेटा को सुरक्षित रखने, सुरक्षित मोड में प्राप्त करने / संसाधित करने के लिए सभी सर्वर और स्टोरेज को भारत के महारजिस्ट्रार के कार्यालय सर्वर में केवल एन्क्रिप्टेड रूप में रखा जाएगा।
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ऐसे की जाएगी डेटा सुरक्षा
जनगणना से आने वाला डेटा भारत के महारजिस्ट्रार के कार्यालय के सर्वर के अंदर संग्रहीत होगा। डेटा चक्र के हर स्तर पर डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। डेटा मोबाइल पर हो, ट्रांसमिशन में हो या बाद के स्तर में हो, तो बहुस्तरीय सुरक्षा होगी। एकत्र किए गए जनगणना के आंकड़ों को तारीख और समय के साथ अंकित करते हुए हुए मोबाइल में सहेजने से पहले उपयुक्त रूप से एन्क्रिप्ट किया जाएगा। एक बार जब डेटा भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय सर्वर को भेज दिया जाएगा तो नियत तारीख के बाद डेटा स्वतः ही मोबाइल से खत्म हो जाएगा। लॉग और सुरक्षा सुविधाओं के साथ एक्सेस किए गए सभी डेटा को सावधानीपूर्वक रख-रखाव किया जाएगा।
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आवास आवश्यकताओं पर व्यापक आंकड़े प्राप्त होने से आवास संबंधी प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकेंगी। परिवारों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों पर आंकड़े तमाम नीतियों को बनाने में उपयोगी होंगे। यह मकान सूचीकरण के तहत ब्लॉकों का जनसंख्या आकार जनसंख्या गणना के लिए आधार प्रदान करेगा। जनगणना के दूसरे चरण के दौरान, प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उसके व्यक्तिगत विवरण जैसे आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, मातृभाषा, शिक्षा का स्तर, विकलांगता, आर्थिक गतिविधि, प्रवासन, प्रजनन (महिला के लिए) एकत्र होंगे।
सुरक्षित रखे जाएंगे गणना प्रपत्र
जनगणना पूरी हो जाने के बाद सभी भरे हुए जनगणना प्रपत्र सुरक्षित रखे जाएंगे। इसमें गणनाकर्ताओं द्वारा व स्वयं-गणना के माध्यम से भरे गए दोनो तरह के प्रपत्र शामिल हैं। यह सभी प्रपत्र राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के जनगणना संचालन निदेशक के कार्यालय में रखे जाएंगे। भारत के महारजिस्ट्रार के कार्यालय सर्वर में डेटा केवल एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत किया जाएगा...डेटा को सुरक्षित रखने, सुरक्षित मोड में प्राप्त करने / संसाधित करने के लिए सभी सर्वर और स्टोरेज को भारत के महारजिस्ट्रार के कार्यालय सर्वर में केवल एन्क्रिप्टेड रूप में रखा जाएगा।
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ऐसे की जाएगी डेटा सुरक्षा
जनगणना से आने वाला डेटा भारत के महारजिस्ट्रार के कार्यालय के सर्वर के अंदर संग्रहीत होगा। डेटा चक्र के हर स्तर पर डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। डेटा मोबाइल पर हो, ट्रांसमिशन में हो या बाद के स्तर में हो, तो बहुस्तरीय सुरक्षा होगी। एकत्र किए गए जनगणना के आंकड़ों को तारीख और समय के साथ अंकित करते हुए हुए मोबाइल में सहेजने से पहले उपयुक्त रूप से एन्क्रिप्ट किया जाएगा। एक बार जब डेटा भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय सर्वर को भेज दिया जाएगा तो नियत तारीख के बाद डेटा स्वतः ही मोबाइल से खत्म हो जाएगा। लॉग और सुरक्षा सुविधाओं के साथ एक्सेस किए गए सभी डेटा को सावधानीपूर्वक रख-रखाव किया जाएगा।
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