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Bengal Politics: बंगाल के दो अहम मुद्दों पर अमित शाह से दखल की मांग, तीन NCPI सांसदों ने चिट्ठी में क्या लिखा?

Thu, 06 Aug 2026 11:35 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 06 Aug 2026 11:35 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एनसीपीआई के तीन सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दो मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है। जानिए पत्र में क्या लिखा...

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Three NCPI MPs Seek Amit Shah Intervention on Two Key Issues in West Bengal
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले से तृणमूल कांग्रेस छोड़कर नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए तीन लोकसभा सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के दो अहम मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है।

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क्या मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर गृह मंत्री से हस्तक्षेप मांगा गया?

पहला मुद्दा मुर्शिदाबाद जिले की विभिन्न मस्जिदों से लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन हटाए जाने की खबरों से जुड़ा है। इन दोनों मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखने वाले सांसदों में जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान और बहरामपुर से क्रिकेटर से नेता बने यूसुफ पठान शामिल हैं।

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पत्र में कहा गया है कि रिपोर्टों के अनुसार पुलिस प्रशासन मस्जिदों से माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश दे रहा है। हम कानून और माननीय सुप्रीम कोर्ट के शोर नियंत्रण संबंधी निर्देशों का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन अनुरोध है कि नियमों का निष्पक्ष, समान और संवेदनशील तरीके से पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं, ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

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क्या मतदाता सूची से नाम हटने के मामलों में ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया तेज करने की मांग की गई?

दूसरा मुद्दा इस वर्ष राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए बड़ी संख्या में मतदाताओं के मामलों से जुड़ा है। सांसदों का दावा है कि कई "वास्तविक" मतदाता अब भी ट्रिब्यूनल के फैसले का इंतजार कर रहे हैं उनका कहना है कि फैसलों में देरी के कारण पासपोर्ट सत्यापन, भूमि पंजीकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या लंबित मामलों के जल्द निपटारे और अतिरिक्त ट्रिब्यूनल बनाने की भी मांग उठी?

तीनों सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि ट्रिब्यूनल में लंबित सभी वास्तविक मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और इसे इस वर्ष के अंत तक पूरा कराया जाए। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त ट्रिब्यूनल गठित करने और शिकायतों की निगरानी के लिए एक व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई है। सांसदों का कहना है कि जब तक मामले ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, तब तक प्रभावित वास्तविक नागरिकों को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

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