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तृणमूल कांग्रेस: 'कौन गया-कौन नहीं गया, मुझे नहीं पता', पार्टी के बागी सांसदों पर सौगत रॉय ने क्या कहा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 11 Jun 2026 05:28 PM IST
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सार
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बागी सांसदों के एनडीए में जाने की अटकलों पर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई में टीएमसी और कांग्रेस को साथ आना चाहिए व ममता बनर्जी को नेतृत्व करना चाहिए। पढ़िए रिपोर्ट-
सौगत रॉय, टीएमसी सांसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों के एनडीए का समर्थन करने की अटकलों पर पार्टी के सांसद सौगत राय ने गुरुवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, कौन गया है और कौन नहीं गया है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैंने तीन दिन पहले माला रॉय और सायोनी घोष दोनों से बात की थी। उन्होंने कहा था कि वे कहीं नहीं जा रही हैं। अगर वे तीन दिनों के भीतर अपना फैसला बदल लें, तो हम क्या कर सकते हैं?
सौगत रॉय ने कहा, मैं चाहता हूं कि टीएमसी और कांग्रेस मिलकर करीबी गठबंधन में काम करें, ताकि भाजपा को हराया जा सके और सत्ता से बाहर किया जा सके। मेरी सिर्फ यही इच्छा है।
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सौगत रॉय ने आगे कहा, हां, इस बारे में एक फैसला है। मेरा मानना है कि अगर हमें भाजपा के खिलाफ लड़ना है, तो ममता बनर्जी को सबसे आगे रहना चाहिए। मुझे सिर्फ इसी बात की चिंता है।
ये भी पढ़ें: 'टीवीके में शामिल होने वाले AIADMK सदस्यों को होगा पछतावा, अपनी मूल पार्टी में लौटेंगे', दिनाकरण का दावा
कीर्ति आजाद ने कहा, अगर उनके पास वास्तव में संख्या बल होता, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'ऑपरेशन लोटस' की सूची अब तक सामने आ चुकी होती। छह जून से सुन रहे हैं कि उनके पास 20 सांसद हैं और वे लोकसभा अध्यक्ष को सूची सौंपने वाले हैं। लेकिन वह सूची कहां है? वे भ्रष्टाचार का बहाना बनाकर दल-बदल रहे हैं। काकोली घोष इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, जिन्हें कथित तौर पर पांच लाख रुपये लेते हुए कैमरे में पकड़ा गया था।
टीएमसी सांसद कल्याण को लेकर कीर्ति आजाद ने कहा, कल्याण बनर्जी एक लड़ाकू नेता हैं। वे शुरू से लेकर आज तक दीदी के साथ खड़े रहे हैं। वह कहीं नहीं जा रहे हैं। वह भावुक व्यक्ति हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। दीदी उनसे बात करेंगी तो मामला सुलझ जाएगा। एक मुद्दा यह था कि उन्हें पहले बता देना चाहिए था कि कोई और व्यक्ति यह मामला लड़ने वाला है। आखिरी समय में जानकारी देना सही नहीं था। इसलिए मैं समझ सकता हूं कि वे नाराज क्यों हैं। उनकी नाराजगी पूरी तरह जायज है। लेकिन दीदी सब ठीक कर देंगी। कांग्रेस और टीएमसी के विलय की अटकलों पर कीर्ति आजाद ने कहा, कोई विलय नहीं होगा। यह पूरी तरह गलत खबर है। चुनाव गठबंधन के रूप में लड़ा जाएगा और गठबंधन बना रहेगा।
उन्होंने कहा, टीएमसी में जो बगावत हुई है, वह सही नहीं है। ये लोग टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए हैं। इन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के पार्टी कार्यालयों में जाकर कार्यकर्ताओं का सामना करना चाहिए। हमें इंडिया ब्लॉक को और मजबूत करना है। कांग्रेस और टीएमसी भाजपा, केंद्र सरकार और उसकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करेंगी।
सौगत रॉय ने कहा, मैं चाहता हूं कि टीएमसी और कांग्रेस मिलकर करीबी गठबंधन में काम करें, ताकि भाजपा को हराया जा सके और सत्ता से बाहर किया जा सके। मेरी सिर्फ यही इच्छा है।
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पहले से ही जाने की योजना बना रही थीं शताब्दी: सौगत रॉय
बागी टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय को लेकर सौगत रॉय ने कहा, शताब्दी पहले से ही जाने की योजना बना रही थीं। इसलिए मैंने उन्हें एक दिन फोन किया था। मुझे पता है कि भाजपा के कई नेताओं के साथ शताब्दी की अच्छी बातचीत और संपर्क है।सौगत रॉय ने आगे कहा, हां, इस बारे में एक फैसला है। मेरा मानना है कि अगर हमें भाजपा के खिलाफ लड़ना है, तो ममता बनर्जी को सबसे आगे रहना चाहिए। मुझे सिर्फ इसी बात की चिंता है।
कल्याण बनर्जी की टिप्पणियों पर क्या कहा?
सौगत रॉय ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की टिप्पणियों पर कहा, मैंने सुना है कि कल्याण बनर्जी ने यह बात कही है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। कल्याण बनर्जी, ममता बनर्जी के बहुत करीबी हैं, इसलिए इस मामले में फैसला उन दोनों के बीच ही होगा।ये भी पढ़ें: 'टीवीके में शामिल होने वाले AIADMK सदस्यों को होगा पछतावा, अपनी मूल पार्टी में लौटेंगे', दिनाकरण का दावा
कोई जहाज मुश्किल में हो, तो उसे छोड़ देना उचित नहीं: बाबुल सुप्रियो
वहीं, टीएमसी के राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा, इन सभी अटकलों और अफवाहों के बीच मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मैं न तो किसी गुट में शामिल हो रहा हूं और न ही किसी दूसरी पार्टी में जा रहा हूं। मेरा मानना है कि जब कोई जहाज मुश्किल दौर से गुजर रहा हो, तब उसे छोड़ देना उचित नहीं होता।हम मुश्किल समय में भागने वाले चूहे नहीं: कीर्ति आजाद
टीएमसी सांसद कीर्ति ने कहा, अब वे मुझ पर भी दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मेरी सुरक्षा भी हटा दी है। अगर हटा दी तो हटा दी, हम लड़ेंगे। हम साथ खड़े हैं। हम मुश्किल समय में भागने वाले चूहे नहीं हैं। हम ऐसे लोग हैं, जो संकट में एक-दूसरे का साथ देते हैं। दीदी (ममता बनर्जी) ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। हम उन्हें धोखा नहीं दे सकते। ये लोग 30-40 साल तक पार्टी में रहे। तीन-चार बार सांसद बने। लेकिन उनकी सोच में ही समस्या है। मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।कीर्ति आजाद ने कहा, अगर उनके पास वास्तव में संख्या बल होता, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'ऑपरेशन लोटस' की सूची अब तक सामने आ चुकी होती। छह जून से सुन रहे हैं कि उनके पास 20 सांसद हैं और वे लोकसभा अध्यक्ष को सूची सौंपने वाले हैं। लेकिन वह सूची कहां है? वे भ्रष्टाचार का बहाना बनाकर दल-बदल रहे हैं। काकोली घोष इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, जिन्हें कथित तौर पर पांच लाख रुपये लेते हुए कैमरे में पकड़ा गया था।
टीएमसी सांसद कल्याण को लेकर कीर्ति आजाद ने कहा, कल्याण बनर्जी एक लड़ाकू नेता हैं। वे शुरू से लेकर आज तक दीदी के साथ खड़े रहे हैं। वह कहीं नहीं जा रहे हैं। वह भावुक व्यक्ति हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। दीदी उनसे बात करेंगी तो मामला सुलझ जाएगा। एक मुद्दा यह था कि उन्हें पहले बता देना चाहिए था कि कोई और व्यक्ति यह मामला लड़ने वाला है। आखिरी समय में जानकारी देना सही नहीं था। इसलिए मैं समझ सकता हूं कि वे नाराज क्यों हैं। उनकी नाराजगी पूरी तरह जायज है। लेकिन दीदी सब ठीक कर देंगी। कांग्रेस और टीएमसी के विलय की अटकलों पर कीर्ति आजाद ने कहा, कोई विलय नहीं होगा। यह पूरी तरह गलत खबर है। चुनाव गठबंधन के रूप में लड़ा जाएगा और गठबंधन बना रहेगा।
कल्याण बनर्जी ने टीएमसी में बगावत पर क्या कहा?
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, कल्याण बनर्जी को पूरा अधिकार है कि वे किसका मामला लड़ना चाहते हैं। इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। वे हमारे वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं तथा ममता बनर्जी के सिपाही हैं। मैं उनके आकलन पर कोई विरोधाभासी टिप्पणी नहीं कर रहा हूं। प्रतिमा मंडल ने साफ कहा है कि वे पार्टी और ममता दीदी के साथ हैं। मैंने सायोनी घोष की जो तस्वीरें देखीं, उनमें एक व्यक्ति ने मास्क पहना हुआ था। मुझे लगता है कि ये तस्वीरें कोरोना काल की होंगी, क्योंकि सामान्य स्थिति में कोई ऐसा नहीं करता। छिपाने की क्या जरूरत है?उन्होंने कहा, टीएमसी में जो बगावत हुई है, वह सही नहीं है। ये लोग टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए हैं। इन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के पार्टी कार्यालयों में जाकर कार्यकर्ताओं का सामना करना चाहिए। हमें इंडिया ब्लॉक को और मजबूत करना है। कांग्रेस और टीएमसी भाजपा, केंद्र सरकार और उसकी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करेंगी।