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गेटमैन की लापरवाही ने छीनी तीन जिंदगियां: मुर्शिदाबाद में ट्रेन की चपेट में आई स्कूल वैन, कई बच्चे घायल
Fri, 17 Jul 2026 09:57 AM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 17 Jul 2026 09:57 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शुक्रवार सुबह कर्णसुबर्णा रेलवे क्रॉसिंग पर एक यात्री ट्रेन ने स्कूल वैन को टक्कर मार दी। हादसे में कई छात्र घायल हुए हैं, जिन्हें मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय रेलवे क्रॉसिंग खुली हुई थी।
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प्रतिकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे ने तीन लोगों की जान ले ली। बहरामपुर इलाके में रेलवे फाटक खुला होने के कारण विद्यार्थियों से भरी एक स्कूल वैन तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसे में दो स्कूली बच्चों और एक साइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे घायल हो गए। दुर्घटना के बाद रेलवे गेटमैन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?
हादसा कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर सुबह करीब सात बजे हुआ। स्कूल वैन बच्चों को लेकर रेलवे फाटक पार कर रही थी। तभी निमटिटा-कटवा पैसेंजर ट्रेन तेज रफ्तार से वहां पहुंची और वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए और वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
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गेट खुला था तो हादसा कैसे हो गया?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ देर पहले अप लाइन से एक ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद किया गया था। उसके निकलते ही गेट दोबारा खोल दिया गया। इसी दौरान स्कूल वैन रेलवे क्रॉसिंग पार करने लगी, लेकिन विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन के लिए फाटक दोबारा बंद नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि यदि समय पर रेलवे फाटक बंद कर दिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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गेटमैन की भूमिका पर क्यों उठ रहे सवाल?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब दूसरी ट्रेन आने वाली थी, तब रेलवे फाटक खुला क्यों था? हादसे के बाद रेलवे गेटमैन की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यह दुर्घटना मानवीय लापरवाही का नतीजा हो सकती है।
हादसे में कितने लोग थे सवार?
जानकारी के अनुसार, स्कूल वैन में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे। ट्रेन की टक्कर के साथ ही एक साइकिल सवार भी इसकी चपेट में आ गया। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को वैन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
घायलों का कहां चल रहा है इलाज?
सभी घायलों को पहले कर्णसुबर्णा ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया। जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
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रेलवे ने क्या कार्रवाई की?
पूर्वी रेलवे ने इस गंभीर हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे की ओर से एक विशेष जांच दल घटनास्थल पर भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि हादसे के समय गेटमैन ड्यूटी पर मौजूद था या नहीं, यदि मौजूद था तो उसने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।