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Anjel Chakma Case: अंजेल चकमा के परिवार का छलका दर्द, CBI जांच की उठाई मांग; गिरफ्त से दूर मुख्य आरोपी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: लव गौर Updated Tue, 13 Jan 2026 03:16 PM IST
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सार

Tripura Anjel Chakma: पिछले वर्ष नौ दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद के दौरान कुछ युवकों ने त्रिपुरा निवासी छात्र एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा पर हमला कर दिया था। इस हमलेके बाद एंजेल की मौत हो गई। अब घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।

Tripura Anjel Chakma family seeks CBI probe into murder case
एंजेल चकमा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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त्रिपुरा के रहने वाले एमबीए छात्र एंजेल चकमा की पिछले साल 9 दिसंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक घातक हमले में मौत हो गई। इस घटना उनके परिवार ने नस्लीय रूप से प्रेरित होने का आरोप लगाया। वहीं अब अंजेल चकमा के परिवार ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
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पिता ने सीबीआई जांच की मांग रखी
एंजेल के पिता तरूण कांति चकमा ने अगरतला में टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत देबबर्मा से मुलाकात की और सीबीआई जांच की मांग रखी। मणिपुर में तैनात बीएसएफ जवान पिता ने बताया कि एंजेल की मौत को एक महीना बीत चुका है, लेकिन परिवार को इस मामले में कोई नई जानकारी नहीं मिली है।
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मुख्य आरोपी अभी भी फरार
उन्होंने कहा, 'हमने सुना है कि पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। मेरा परिवार इस हत्या की सीबीआई जांच चाहता है ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके।" उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि उन्हें दिल्ली में तैनाती दी जाए ताकि वे इस मामले को प्रभावी ढंग से लड़ सकें। उन्होंने बताया कि मैंने न्याय की लड़ाई में 'महाराजा' (देबबर्मा) से समर्थन मांगा है, और उन्होंने मुझे हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

ये भी पढ़ें: Uttarakhand: चकमा हत्याकांड...मुख्य आरोपी को पकड़ने में मौसम बना चुनौती, बर्फ की पहाड़ियों में है छिपा

इधर, देबबर्मा ने कहा कि देहरादून में घटना घटने के दिन से ही वह एंजेल के परिवार के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, 'घटना की भयावहता के बावजूद, पुलिस ने तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज की। 24 वर्षीय होनहार युवक नस्लीय भेदभाव का शिकार हो गया और कल किसी और का भी यही हाल हो सकता है। हम सभी को राजनीतिक विचारधाराओं की परवाह किए बिना न्याय के लिए लड़ना चाहिए।'

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