सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Uddhav's mouthpiece attacks the ruling party, also says this important thing in these two cases of Nashik

सामना: उद्धव के मुखपत्र में सत्ता पक्ष पर हमला, नासिक के इन दो मामलों में भी कही ये बड़ी बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Sat, 11 Apr 2026 01:18 PM IST
विज्ञापन
सार

शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के मुखपत्र 'सामना' ने सता पक्ष पर हमला किया। नासिक के दो बड़े मामले पर कही बड़ी बात। 

Uddhav's mouthpiece attacks the ruling party, also says this important thing in these two cases of Nashik
सामना, शिवसेना का मुखपत्र - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

नासिक में 'कॉर्पोरेट जिहाद' के आरोपों के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में कहा गया है कि महाराष्ट्र में हिंदुत्ववादी कहलाने वालों की एक नई पीढ़ी पैदा हुई है, जो सुविधा के अनुसार हिंदुत्ववादी बन जाते हैं। चुनाव के मौसम में उनका हिंदुत्व अत्यंत प्रखर हो जाता है।
Trending Videos


हिंदू आरोपी है, फिर विरोध क्यों नहीं?
अशोक खरात केस और नासिक की घटना की तुलना करते हुए 'सामना' के संपादकीय में कहा गया है, "किसी मुस्लिम मुल्ला-मौलवी का प्रेम प्रसंग हाथ लग जाए तो उस विषय का शीरकुरमा ये लोग (हिंदुत्ववादी) चटकारे लेते हैं, लेकिन वही अधम कृत्य जब किसी हिंदू ढोंगी बाबा की ओर से किए जाने की बात सामने आती है, तब ये हिंदुत्ववादी मुंह सिलकर चुप बैठ जाते हैं। नासिक जिले में वर्तमान में ऐसी ढोंगबाजी ने कहर बरपाया है। नासिक में 'कॉर्पोरेट जिहाद' नाम का एक नया उपद्रव सामने आया है।" दरअसल, नासिक की एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी के मुस्लिम कर्मचारियों पर हिंदू महिलाओं को नौकरी के ऑफर देकर लुभाने, उनका यौन शोषण करने और कथित तौर पर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


संपादकीय में कहा गया है कि भाजपा से जुड़े राजनीतिक लोगों, जिनमें पार्टी के मंत्री नितेश राणे और विधायक गोपीचंद पडलकर शामिल हैं, उन्होंने विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया है। इसमें कहा गया है कि हालांकि इस तरह के शोषण के खिलाफ गुस्सा जायज है, लेकिन इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का तरीका बहुत तीखा रहा है, जिसमें नेताओं ने इस क्षेत्र में 'लव जिहाद' की 'खौफनाक' प्रकृति पर भड़काऊ भाषण दिए हैं।

राजनीतिक गुटों की आलोचना
संपादकीय में इन राजनीतिक गुटों की कड़ी आलोचना की गई है। इसमें कहा गया, 'कॉर्पोरेट जिहाद' के साथ ही 'हिंदुत्व खतरे में' होने की गर्जना भाजपा के राजनीतिक भोंदू बाबा कर रहे हैं और उस बहाने हिंदू समाज को एक होकर मुकाबला करने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन उसी नासिक की भूमि पर खरात और एरंडे ने महिलाओं का शोषण किया, अत्याचार किए और अनगिनत महिलाओं के संसार उजाड़ दिए। उस पर मात्र इन गोपी महाराज, नितेश और उनके शंखनादी हिंदुत्ववादी संगठनों की आवाज बंद है।'

अशोक खरात का मामला उठाते हुए शिवसेना-यूबीटी के मुख्यपत्र में कहा गया है, 'जब ऐसे मामलों में आरोपी मुस्लिम होता है, तब 'जिहाद' के नाम पर मोर्चे, आंदोलन, 'हिंदू खतरे में' और एसआईटी की मांग जोर पकड़ती है, लेकिन जब महिला शोषण में आरोपी हिंदू बाबा होता है, तब 'अंधविश्वास', 'व्यक्तिगत मामला' और 'हिंदू समाज को बदनाम न करें' ऐसा राग अलापा जाता है।' 'सामना' के संपादकीय में आगे लिखा है, 'नासिक की गोदावरी में आज तो ढोंगी हिंदुत्ववादियों के ही पापकर्म अधिक तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं। महिलाओं पर होने वाले अत्याचार कम से कम धर्मनिरपेक्ष होने चाहिए।' (इनपुट- आईएनएएस)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed