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Cabinet: अब गोबर से भी बढ़ेगी किसानों की कमाई, क्या है गोबरधन योजना? असम में गुवाहाटी-तेजपुर हाईवे को मंजूरी

Thu, 06 Aug 2026 04:40 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 06 Aug 2026 04:40 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही असम में 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत से गुवाहाटी-तेजपुर चार लेन हाईवे बनाने का भी फैसला लिया गया है। क्या इन दोनों फैसलों से किसानों की आय बढ़ेगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Union Cabinet Approves GOBARdhan Scheme and Guwahati Tezpur Highway Project
कैबिनेट के फैसले - फोटो : amarujala.com

विस्तार

केंद्र सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण विकास और पूर्वोत्तर में बेहतर सड़क संपर्क को लेकर दो बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन (GOBARdhan यानी नेशनल सर्कुलर बायोएनर्जी स्कीम) को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर गुवाहाटी के पास बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.871 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। इस हाईवे पर 8,970.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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नई गोबर गोबरधन योजना का मकसद देश के गोबर, कृषि अवशेष, गन्ना मिलों से निकलने वाले प्रेसमड, नगर निकायों के जैविक कचरे और दूसरे बायोमास को स्वच्छ ईंधन में बदलना है। सरकार का लक्ष्य है कि इससे संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) का उत्पादन तेजी से बढ़े, किसानों को अतिरिक्त आय मिले, गांवों में रोजगार पैदा हो और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी।
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गोबरधन योजना से किसानों और गांवों को क्या फायदा होगा?

सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और निजी निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगी। सीबीजी संयंत्रों के लिए गोबर और कृषि अवशेष खरीदने से किसानों को अतिरिक्त कमाई होगी। इसके साथ ही जैविक खाद का उत्पादन बढ़ेगा और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग होगा। सरकार का लक्ष्य घरेलू सीबीजी उत्पादन को लगभग दस गुना तक बढ़ाना है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सके।
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योजना में कौन-कौन से बड़े प्रावधान?

  • सीबीजी की सुनिश्चित खरीद... उत्पादकों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।
  • स्थिर मूल्य प्रणाली... सीबीजी की प्रशासनिक कीमत 2,110 रुपये प्रति एमएमबीटीयू तय करने का ढांचा बनाया गया है।
  • पूंजी सहायता... पात्र नई परियोजनाओं को प्रति टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता पर अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी।
  • गैस पाइपलाइन कनेक्टिविटी... सीबीजी संयंत्रों को गैस पाइपलाइन और सिटी गैस नेटवर्क से जोड़ने की सुविधा दी जाएगी।
  • ऋण गारंटी... एमएसएमई और अन्य परियोजनाओं को आसान वित्त उपलब्ध कराने के लिए क्रेडिट गारंटी का प्रावधान किया गया है।
  • सीबीजी इकोसिस्टम चैलेंज फंड... जिला स्तर पर परियोजनाओं, तकनीक, फीडस्टॉक प्रबंधन और जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष फंड बनाया जाएगा।
  • निवेश को बढ़ावा... स्थिर आय और सरकारी समर्थन से निजी निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती... किसानों, सहकारी समितियों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे।

असम के नए हाईवे की क्या खासियत होगी?

कैबिनेट ने असम में बाईहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.871 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) टोल मॉडल पर विकसित होगी। इसकी कुल लागत 8,970.20 करोड़ रुपये होगी। इस हाईवे में तेजपुर बाईपास पर भारतीय वायुसेना के समन्वय से 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) भी बनाई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर लड़ाकू और अन्य सैन्य विमान यहां उतर सकें।

पूर्वोत्तर और देश को इससे क्या लाभ मिलेगा?

सरकार के अनुसार नया हाईवे असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को तेज और बेहतर सड़क संपर्क देगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, माल ढुलाई आसान होगी और क्षेत्र में उद्योग तथा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, गोबरधन योजना के जरिए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम होने, ग्रामीण रोजगार बढ़ने और 'वेस्ट टू वेल्थ' यानी कचरे से संपत्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि दोनों फैसले मिलकर ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे।
 
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