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UPSC Prelims 2026: प्रारंभिक परीक्षा के बाद जारी होगी प्रोविजनल आंसर की, अभ्यर्थियों की पुरानी मांग पूरी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 19 May 2026 03:33 AM IST
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सार
यूपीएससी ने लाखों उम्मीदवारों की वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब पहली बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर की जारी की जाएगी। 24 मई को होने वाली परीक्षा के बाद अभ्यर्थी 31 मई की शाम 6 बजे तक ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। आइए, विस्तार से पूरी जानकारी को समझते हैं...
अभ्यर्थियों की पुरानी मांग पूरी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही छात्रों की मांग को मानते हुए आयोग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब पहली बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के तुरंत बाद उसकी प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी जाएगी। इस बड़े फैसले से देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी और इसके उच्च मानक बने रहेंगे।
नई दिल्ली में सोमवार को यूपीएससी ने इस बड़े बदलाव की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अभी तक प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने या पूरी प्रक्रिया खत्म होने के काफी समय बाद आंसर की जारी की जाती थी। लेकिन अब, 24 मई को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के ठीक बाद उम्मीदवारों को यह पता चल जाएगा कि उनके दिए गए उत्तर सही हैं या नहीं। यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने इसे एक बहुत ही नई और शानदार शुरुआत बताया है। उनका कहना है कि इस फैसले से आयोग की पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर संचार की व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी।
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छात्रों की वर्षों पुरानी मांग कैसे पूरी हुई?
यूपीएससी देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा है, जिसके जरिए आईएएस, आईएफएस और आईपीएस समेत कई संघीय सेवाओं के लिए बड़े अधिकारियों का चयन हर वर्ष होता है। यह परीक्षा तीन कठिन चरणों यानी प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में होती है। वर्षों से छात्र यह मांग कर रहे थे कि प्रारंभिक परीक्षा खत्म होते ही उन्हें उनके सवालों के सही जवाब बताए जाएं, ताकि वे अपने प्रदर्शन का सही आंकलन कर सकें। आयोग ने खुद माना है कि इस नए सुधार से उम्मीदवारों की यह बहुत लंबी और पुरानी मांग अब पूरी तरह से पूरी हो गई है।
आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख क्या है?
अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि आयोग द्वारा जारी की गई प्रोविजनल आंसर की में कोई जवाब गलत दिया गया है, तो वह अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को 31 मई की शाम 6 बजे तक का समय दिया जाएगा। उम्मीदवार वेबसाइट upsconline.nic.in/login पर जाकर एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी आपत्तियां जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर का संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों (पुख्ता किताबों या दस्तावेजों) के सबूत भी देने होंगे।
विशेषज्ञों की टीम आपत्तियों की जांच कैसे करेगी?
यूपीएससी ने यह साफ किया है कि छात्रों द्वारा भेजी गई सभी आपत्तियों की बहुत ही व्यापक और सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाएगी। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बनाई जाएगी, जिसके सामने इन आपत्तियों को रखा जाएगा। यह टीम हर एक आपत्ति और उसके साथ भेजे गए सहायक दस्तावेजों की बहुत ही सावधानी से जांच करेगी। विशेषज्ञ संबंधित प्रश्नों के उत्तर कुंजी की शुद्धता को लेकर अपने विचार दर्ज करेंगे। प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर उचित विचार करने के बाद ही उत्तर कुंजी को अंतिम रूप दिया जाएगा।