Vibrant Villages: सीमा पर स्थित 134 गांव हर मौसम में सड़क से जुड़े रहें, 2481 करोड़ की 111 परियोजनाएं मंजूर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा पर स्थित 134 ऐसे गांवों को हर मौसम में सड़क की सुविधा मिले, इसके लिए ₹2,481.93 करोड़ की लागत वाली 111 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार ने 15 फरवरी, 2023 को 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-I' (वीवीपी-I) को एक केंद्र-प्रायोजित योजना के रूप में मंज़ूरी दी है। इसका मकसद अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश) के 19 ज़िलों में उत्तरी सीमा से सटे 46 ब्लॉक के चुनिंदा गांवों का समग्र विकास करना है। वीवीपी-I शुरू होने के बाद से, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस प्रोग्राम के तहत 3065.32 करोड़ रुपये की लागत से कई प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं।
अरुणाचल प्रदेश में 832, हिमाचल प्रदेश में 98, लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश) में 79, सिक्किम में 87 और उत्तराखंड में 152 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 316 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों ने कन्वर्जेंस (विभिन्न योजनाओं के तालमेल) के तहत 1658 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए हैं।
वीवीपी-I के तहत, प्राथमिकता के आधार पर समग्र विकास के लिए 662 गांवों की पहचान की गई है। इनमें अरुणाचल प्रदेश के 455, सिक्किम के 46, उत्तराखंड के 51, हिमाचल प्रदेश के 75 और लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश) के 35 गांव शामिल हैं। इस प्रोग्राम के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को ₹953.47 करोड़ की राशि जारी की गई है। मंत्रालयों/विभागों/राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार, 528 गांवों में 4G मोबाइल कनेक्टिविटी है, 625 गांवों में पाइप से पीने का पानी पहुँचाया गया है और 621 गांवों में ऑन-ग्रिड/ऑफ-ग्रिड बिजली की सुविधा है।
इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने वीवीपी-I के तहत 140 ऑफ-ग्रिड सोलर प्रोजेक्ट और 7 माइक्रो-हाइडल प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी है। कन्वर्जेंस (विभिन्न योजनाओं के तालमेल) के तहत, बिजली मंत्रालय ने बिजली वितरण इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए ₹238.30 करोड़ की लागत वाली 43 परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है। अरुणाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वीवीपी-I के तहत 40 मोबाइल मेडिकल यूनिट को मंज़ूरी दी गई है। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण/अपग्रेडेशन के लिए 146 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
वाइब्रेंट विलेजेज़ प्रोग्राम-I के तहत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। कार्यान्वयन को आसान बनाने के लिए जहाँ भी ज़रूरी हो, संबंधित मंत्रालयों/विभागों और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के साथ ज़रूरी तालमेल बिठाया जाता है। वाइब्रेंट विलेजेज़ प्रोग्राम-I के अंतर्गत किसी तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) से मूल्यांकन नहीं कराया गया है। यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी है।