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Iran Crisis: 'समुद्र बन रहे वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र', पश्चिम एशिया संकट पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 06 Mar 2026 12:58 PM IST
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सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में समुद्र शक्ति संतुलन का केंद्र बन गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर पड़ेगा।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने शुक्रवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बदलती वैश्विक राजनीति में समुद्र एक बार फिर दुनिया की शक्ति संतुलन का केंद्र में आ गए हैं। अब यह भारत की जिम्मेदारी है कि वह आत्मविश्वास और पूरी क्षमता के साथ समुद्री क्षेत्र में नेतृत्व करे।
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रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम को असामान्य बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस इलाके के हालात पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाल सकते हैं। उन्होंने कहा, पश्चिम एशिया में जो हो रहा है, वह सामान्य नहीं है। इस समय यह कहना मुश्किल है कि वहां के हालात आगे किस दिशा में जाएंगे।
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वैश्विक व्यापार को हो रहा नुकसान
रक्षा मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि यह इलाका दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। जब भी इस क्षेत्र में कोई रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि आज सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दूसरे सामानों की सप्लाई चेन में भी रुकावटें आ रही हैं। इन अनिश्चितताओं की वजह से वैश्विक व्यापार को नुकसान हो रहा है।

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सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात ने एक बार फिर समुद्रों की अहमियत को साबित किया है। उन्होंने कहा, बदलती वैश्विक राजनीति के इस दौर में समुद्र शक्ति संतुलन के केंद्र में आ गए हैं। एक बड़े समुद्री देश के तौर पर भारत को साफ विजन के साथ आगे आना होगा।

पश्चिम में तनाव चरम पर
हालांकि, रक्षा मंत्री ने श्रीलंका के पास अमेरिकी हमले में ईरानी युद्धपोत के डूबने का सीधा जिक्र नहीं किया। बता दें कि ईरानी युद्धपोत 'आईआरआईएस डेना' भारत की मेजबानी वाले मिलान नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया। इस हमले में 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जान चली गई। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इनमें यूएई, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं। पिछले तीन दिनों से दोनों तरफ से भीषण हमले जारी हैं।

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