West Bengal: मतदाता सूची के SIR को लेकर तैयारी तेज, आज से शुरू होगी चुनाव से जुड़े अधिकारियों की ट्रेनिंग
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में आज से एडीएम और ईआरओ की ट्रेनिंग शुरू होगी, जिन्हें बाद में बीएलओ को प्रशिक्षित करना है। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में आज से एडीएम और ईआरओ की ट्रेनिंग शुरू होगी, जिन्हें बाद में बीएलओ को प्रशिक्षित करना है। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे।
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पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। इससे पहले राज्यभर की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। दूसरी ओर राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत से पहले मतदाता सूची से जुड़ी अधिकारियों की ट्रेनिंग आज से शुरू होने की संभावना है। इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान अधिकारी ने बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल साथ में अतिरिक्त सीईओ दिव्येंदु दास और अरिंदम नियोगी आज को होने वाले इस प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व करेंगे।
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सबसे पहले इन अधिकारियों को मिलेगी ट्रेनिंग
बता दें कि अधिकारियों की ट्रेनिंग के सिलसिले में पहले सहायक जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (आआरओ) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये अधिकारी बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को ट्रेन करेंगे, जो जमीनी स्तर पर घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और फॉर्म भरने में उनकी मदद करेंगे। साथ ही अधिकारियों की हालिया बैठक में एडीएम'एस' को जिला स्तर पर वोटर मैपिंग शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लोगों के घर-घर जाएंगे बीएलओ
बातचीत में अधिकारी ने आगे बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए बीएलओ को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे लोगों के घर जाकर उनके दस्तावेजों की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि सब कुछ सही तरीके से दर्ज हो।
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इसके साथ ही एक अहम निर्देश यह भी दिया गया कि साल 2002 की मतदाता सूची को जनवरी 2025 में प्रकाशित नवीनतम मतदाता सूची से मिलाया जाए। इसका उद्देश्य विशेष रूप से बुजुर्ग मतदाताओं की मदद करना है, जो शायद अपनी पात्रता साबित करने में परेशानी का सामना कर सकते हैं। हालांकि इन सभी तैयारियों के बीच इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश भारती इसी सप्ताह कोलकाता का दौरा करेंगे।