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West Bengal SIR Row: भाजपा-EC के खिलाफ TMC का हल्लाबोल, आज बंगाल में विरोध-प्रदर्शन; सांसद भी मुस्तैद रहेंगे
Tue, 04 Nov 2025 02:18 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 04 Nov 2025 02:18 AM IST
सार
West Bengal SIR Row: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची सुधार को लेकर सत्ताधारी पार्टी- TMC और विपक्षी दल- भाजपा के बीच जमकर तकरार हो रही है। तृणमूल ने भाजपा के साथ-साथ चुनाव आयोग के खिलाफ भी आक्रामक तेवर अपनाए हैं। आज बंगाल में विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। एसआईआर के विरोध में TMC के सांसद-विधायक भी मोर्चा संभालेंगे। जानिए क्या है योजना
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अभिषेक बनर्जी (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (SIR) का एलान किया है। इस पर प्रदेश की राजनीति में उबाल के संकेत दिख रहे हैं। सत्ताधारी दल- तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए निर्वाचन आयोग और भाजपा से तीखे सवाल किए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने बताया कि टीएमसी कार्यकर्ता और पार्टी नेता मंगलवार को कोलकाता में इस प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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कोलकाता में सोमवार देर शाम अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'मैं सभी से अपील करता हूं... चाहे कोई भी धर्म या पार्टी हो, हमें बंगाल को नुकसान पहुंचाने, लोगों को सम्मान से वंचित करने और बांग्लादेशी करार देने की भाजपा की साजिश के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। मैं हर बंगाली से एकजुट रहने और 2026 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को बंगाल की ताकत दिखाने की अपील करता हूं।' उन्होंने कहा कि बंगाल के मतदाताओं से समर्थन लेने के बावजूद यहां के लोगों को बांग्लादेशी बताया जाता है। ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ ये लड़ाई सिर्फ तृणमूल की नहीं, सभी 10 करोड़ बंगालियों की है।
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अभिषेक बनर्जी ने कहा, तृणमूल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ये जानकारी साझा की है कि मंगलवार को एसआईआर के विरोध में एक मार्च निकाला जाएगा। नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बुलाया गया है। मंगलवार से ही निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी गणना फॉर्म मतदाताओं को वितरित किए जाने की शुरुआत होगी। इसका ध्यान रखते हुए पार्टी ने पड़ोसी जिलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं से कोलकाता नहीं आने की अपील की है।
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एसआईआर के कारण पनपने वाले तनाव और इससे निपटने के लिए सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस की रणनीति को लेकर पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'हमने शुरू से ही कहा है कि अगर एक भी योग्य मतदाता सूची से हटाया गया, तो टीएमसी इस लड़ाई को दिल्ली तक ले जाएगी। जो लोग केंद्र सरकार की कठपुतली बनकर बंगाल को उसकी पहचान से वंचित करने और बांग्ला बोलने पर हमें बांग्लादेशी कहने का तमगा देते हैं, उन्हें राष्ट्रीय राजधानी तक चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने कहा, 'भाजपा और चुनाव आयोग में उनके दोस्तों से मेरा सवाल सीधा है: जो 5-6 लोग पहले ही मर चुके हैं: वे वैध मतदाता थे या अवैध?' जनता से डटकर विरोध करने की अपील करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूं कि बंगाल में स्थापित किए जा रहे सीएए शिविरों का शिकार न बनें; अगर कोई उन शिविरों में जाता है, तो उसका हश्र असम के पीड़ितों जैसा ही होगा, जहां लोगों को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया था। किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है।'
मतदाताओं की मदद के लिए पार्टी क्या करेगी? इस पर अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'हमारे कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर हैं; कल से बीएलए-II घर-घर जाएंगे, सहायता केंद्र और शिविर स्थापित किए जाएंगे, हर निर्वाचन क्षेत्र में वार्ड रूम सक्रिय किए जाएंगे। पार्टी के सांसद और विधायक भी ड्यूटी पर होंगे, इसलिए डरने की कोई बात नहीं है।'
उन्होंने बीते दिनों हुई मौतों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि एसआईआर की घोषणा के बाद से बीते चंद दिनों में कई दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। बकौल अभिषेक बनर्जी, 'मुश्किल से 5-6 दिन बीते हैं, आत्महत्या के छह मामले सामने आ चुके हैं। पानीहाटी में प्रदीप कर और इलमबाजार में 95 वर्षीय वृद्ध ने अपनी जान दे दी। इसके अलावा बारासात और दानकुनी से भी एक-एक मामले सामने आ चुके हैं। तमिलनाडु में रहने वाले बर्धमान के व्यक्ति ने भी आत्महत्या की है। सभी मामले एसआईआर को लेकर घबराहट और चिंता से जुड़े हैं।'