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मुंबई में जल संकट: सूखने के कगार पर सात झीलें, कैसे बुझेगी करोड़ों लोगों की प्यास; क्या है BMC का प्लान?
Mon, 29 Jun 2026 05:03 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2026 05:03 PM IST
सार
क्या मुंबई इस गंभीर जल संकट से उबर पाएगी? क्या आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ेगी? फिलहाल स्थिति चिंताजनक है। मुंबई के जलाशयों में लाइव वॉटर स्टॉक घटकर 6.93 फीसदी रह गया है, जबकि पिछले साल यह 39.5 फीसदी था। बीएमसी ने शहर में 10 से 20 फीसदी तक पानी की कटौती लागू कर दी है। अब पूरी उम्मीद मानसून की अगली भारी बारिश पर टिकी है।
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मुंबई में जल संकट
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय पानी की बूंद-बूंद को तरसने के कगार पर है। मानसून में देरी और कम बारिश के कारण मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सातों जलाशयों में लाइव वॉटर स्टॉक घटकर सात फीसदी से भी कम हो गया है। स्थिति कितनी भयावह है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल इसी अवधि में इन तालाबों में 39.5 फीसदी पानी मौजूद था। देरी से आए मानसून और अल नीनो के खतरे ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
तालाबों में कितना बचा पानी?
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे सातों जलाशयों में केवल 1,00,279 मिलियन लीटर पानी बचा था। यह इनकी कुल क्षमता का सिर्फ 6.93 फीसदी है। पिछले साल इसी दिन यह स्टॉक 5,71,670 मिलियन लीटर यानी 39.5 प्रतिशत था। मुंबई को रोजाना लगभग 4,000 मिलियन लीटर पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। भाटसा, अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मिडल वैतरणा, तुलसी और विहार जैसे इन सातों झीलों की कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है।
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जल संकट से जुड़ी बड़ी बातें
अपर वैतरणा में शून्य लाइव स्टॉक: इस प्रमुख जलाशय का उपयोगी लाइव स्टोरेज शून्य हो गया है। अब इसके लोअर ड्राडाउन लेवल (एलडीएल) के नीचे का 11,974 मिलियन लीटर आपातकालीन पानी इस्तेमाल हो रहा है।
प्रमुख चार बांधों का हाल: अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा और मिडल वैतरणा में संयुक्त रूप से केवल 46,192 मिलियन लीटर पानी बचा है, जो उनकी क्षमता का 6.65 फीसदी है।
विहार और तुलसी की स्थिति: विहार झील में उसकी क्षमता का सबसे अधिक 45.13 प्रतिशत, तुलसी में 24.26 प्रतिशत और मोदक सागर में 18.47 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
कैचमेंट एरिया में बारिश: पिछले 24 घंटों में तुलसी में 179 मिमी, विहार में 112 मिमी, मोदक सागर में 38 मिमी और भांडुप कॉम्प्लेक्स में 191 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
2024 से थोड़ी राहत: राहत की बात बस इतनी है कि साल 2024 में इसी दिन पानी का स्तर 5.43 प्रतिशत तक गिर गया था, जिसके मुकाबले इस बार स्थिति मामूली रूप से बेहतर है।
यह भी पढ़ें: केतन मर्डर केस: भाई का दावा-आशुतोष को काम पर नहीं रखा, वकीलों के फेर में उलझी सिया; असली काउंसिल कौन?
बीएमसी का क्या प्लान?
मानसून की धीमी रफ्तार को देखते हुए बीएमसी ने पानी बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के बाद पूरे शहर में पानी की कटौती लागू कर दी गई है। बीएमसी ने 15 मई से ही मुंबई में 10 फीसदी पानी की कटौती लागू कर रखी है। इसके अलावा, 17 जून से औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पानी की कटौती बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी गई है।
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तालाबों में कितना बचा पानी?
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे सातों जलाशयों में केवल 1,00,279 मिलियन लीटर पानी बचा था। यह इनकी कुल क्षमता का सिर्फ 6.93 फीसदी है। पिछले साल इसी दिन यह स्टॉक 5,71,670 मिलियन लीटर यानी 39.5 प्रतिशत था। मुंबई को रोजाना लगभग 4,000 मिलियन लीटर पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। भाटसा, अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मिडल वैतरणा, तुलसी और विहार जैसे इन सातों झीलों की कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है।
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जल संकट से जुड़ी बड़ी बातें
अपर वैतरणा में शून्य लाइव स्टॉक: इस प्रमुख जलाशय का उपयोगी लाइव स्टोरेज शून्य हो गया है। अब इसके लोअर ड्राडाउन लेवल (एलडीएल) के नीचे का 11,974 मिलियन लीटर आपातकालीन पानी इस्तेमाल हो रहा है।
प्रमुख चार बांधों का हाल: अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा और मिडल वैतरणा में संयुक्त रूप से केवल 46,192 मिलियन लीटर पानी बचा है, जो उनकी क्षमता का 6.65 फीसदी है।
विहार और तुलसी की स्थिति: विहार झील में उसकी क्षमता का सबसे अधिक 45.13 प्रतिशत, तुलसी में 24.26 प्रतिशत और मोदक सागर में 18.47 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
कैचमेंट एरिया में बारिश: पिछले 24 घंटों में तुलसी में 179 मिमी, विहार में 112 मिमी, मोदक सागर में 38 मिमी और भांडुप कॉम्प्लेक्स में 191 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
2024 से थोड़ी राहत: राहत की बात बस इतनी है कि साल 2024 में इसी दिन पानी का स्तर 5.43 प्रतिशत तक गिर गया था, जिसके मुकाबले इस बार स्थिति मामूली रूप से बेहतर है।
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बीएमसी का क्या प्लान?
मानसून की धीमी रफ्तार को देखते हुए बीएमसी ने पानी बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के बाद पूरे शहर में पानी की कटौती लागू कर दी गई है। बीएमसी ने 15 मई से ही मुंबई में 10 फीसदी पानी की कटौती लागू कर रखी है। इसके अलावा, 17 जून से औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पानी की कटौती बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी गई है।