West Bengal SIR Row: चुनाव आयोग बागनान विधानसभा के एईआरओ पर कार्रवाई करेगा? एसआईआर पर सवाल उठाना पड़ेगा महंगा
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के बागनान विधानसभा क्षेत्र के एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं। दरअसल, मौसम सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे। आयोग का कहना हैं कि यदि उन्होंने कोई शिकायत थी, तो उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाना चाहिए था।
विस्तार
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के बागनान विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) मौसम सरकार के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मौसम सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी हैं।
सीईओ कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई का संकेत दिया
बागनान ब्लॉक-II के ब्लॉक आपदा प्रबंधन अधिकारी मौसम सरकार ने एसआईआर अभ्यास पर चिंता जताई थी। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने उनकी टिप्पणियों को हल्के में नहीं लिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट जारी कर संकेत दिया कि उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "मुझे अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलते ही मैं उचित जवाब दूंगा।"
यह भी पढ़ें- ISRO: पीएसएलवी सी62 रॉकेट में प्रक्षेपण के बाद तकनीकी समस्या, रास्ते से भटका व्हीकल; इसरो चीफ बोले- जांच जारी
कोई शिकायत थी, तो अधिकारियों के समक्ष इसे उठाना चाहिए था
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय ने एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि यदि सरकार को कोई शिकायत थी, तो उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इसे उठाना चाहिए था या उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से औपचारिक रूप से संपर्क करना चाहिए था। इसमें कहा गया कि ऐसे मामले में, उनका तबादला किसी अन्य पद पर किया जा सकता था। इसके बजाय, इसमें आरोप लगाया गया कि सरकार ने सेवा अनुशासन का उल्लंघन किया है। सीईओ के कार्यालय के अनुसार, यह मामला अनुशासनहीनता, नियमों का उल्लंघन और संवैधानिक प्राधिकरण के प्रति अनादर का है।
सरकार ने खुद का बचाव किया
सीईओ कार्यालय द्वारा जारी पोस्ट में कहा गया है कि वह वर्तमान में चुनाव आयोग के कर्मचारी हैं और उनके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी सरकार ने अपने इस कदम का बचाव करते हुए कहा, "यह जनहित में आवश्यक था। अन्य अधिकारियों को भी खुलकर बोलना चाहिए। अन्यथा, जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।"
यह भी पढ़ें- German Chancellor In India Photos: फ्रेडरिक मर्ज अभिभूत.. पीएम मोदी ने समझाई भारतीय-गुजराती संस्कृति की बारीकी
क्या है पूरा मामला
8 जनवरी को सरकार ने बागनान के चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को पत्र लिखकर एईआरओ लॉग में तार्किक विसंगतियों का आरोप लगाया था और एईआरओ के पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नाम की वर्तनी में पाई गई विसंगतियां 2002 से चली आ रही हैं। बाद में मतदाताओं ने स्वयं चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार फॉर्म 8 का उपयोग करके उन्हें ठीक कर लिया था। उन्होंने दावा किया कि आयु संबंधी विसंगतियों के मामलों में भी इसी तरह के सुधार किए गए थे, जिसके कारण वर्तमान विसंगतियां सामने आई हैं।