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बंगाल: शुभेंदु ने गिनाईं सरकार की दो महीनों की उपलब्धियां, TMC पर साधा निशाना; क्या है आगे का प्लान?
Fri, 10 Jul 2026 07:51 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेजीनगर/कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेजीनगर/कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 10 Jul 2026 07:51 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रेजीनगर रैली में अपनी सरकार के दो महीने के काम गिनाते हुए टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने पिछली टीएमसी सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसों में हेराफेरी और मुर्शिदाबाद हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। पढ़िए रिपोर्ट-
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पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को रेजीनगर में रैली के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि दो महीने के अंदर सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंप दी, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू की और जनगणना का काम शुरू कर किया।
पिछली सरकार पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसे का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्र में 25 लाख घर बनाएगी।
मुर्शिदाबाद में हिंसा को लेकर क्या कहा?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में नागरिकता संशोधन कानून और वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान टीएमसी सरकार ने हिंसा को बढ़ावा दिया, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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धार्मिक पहचान देखकर नहीं किए जाएंगे काम: मुख्यमंत्री
रेजीनगर में मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान मुर्शिदाबाद के विकास पर है। उन्होंने कहा कि विकास के काम लोगों की धार्मिक पहचान को देखकर नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया यूनाइटेड जस्टिस पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ममता बनर्जी जैसे कमजोर मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह निर्वाचित प्रतिनिधियों की लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अगले हफ्ते से कौन से जन सुरक्षा कानून लागू होंगे?
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य विधानसभा से हाल ही में पारित किए गए दो जन सुरक्षा विधेयकों को राज्यपाल आरएन रवि ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि ये नए कानून अगले हफ्ते से राज्य में लागू हो जाएंगे।
अधिकारी ने यह भी बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए बनाई गई समिति ने काम शुरू कर दिया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।
उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से कहा, पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026 और पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक, 2026 सोमवार से राज्य में लागू हो जाएंगे, जिन्हें हाल ही में विधानसभा ने पारित किया है। इन दोनों विधेयकों को 29 जून को विधानसभा में पारित किया गया था।
ये भी पढ़ें: कब और कैसे गाया जाएगा राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत?: MHA ने राज्यों को जारी किए नए निर्देश, सख्ती बरतने को कहा
पहले कानून में क्या प्रावधान है?
पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026 के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक पहले से हिरासत में रखा जा सकता है। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जा सकती है, जिन पर ऐसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, जिन्हें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा या सार्वजनिक शांति और व्यवस्था में बाधा माना जाता है।
दूसरे कानून में क्या है?
दूसरा विधेयक, यानी पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक, 2026, आगजनी, तोड़फोड़ और सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार पाए गए लोगों से मुआवजे की वसूली का प्रावधान करता है।
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पिछली सरकार पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसे का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्र में 25 लाख घर बनाएगी।
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मुर्शिदाबाद में हिंसा को लेकर क्या कहा?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में नागरिकता संशोधन कानून और वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान टीएमसी सरकार ने हिंसा को बढ़ावा दिया, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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धार्मिक पहचान देखकर नहीं किए जाएंगे काम: मुख्यमंत्री
रेजीनगर में मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान मुर्शिदाबाद के विकास पर है। उन्होंने कहा कि विकास के काम लोगों की धार्मिक पहचान को देखकर नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया यूनाइटेड जस्टिस पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ममता बनर्जी जैसे कमजोर मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह निर्वाचित प्रतिनिधियों की लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अगले हफ्ते से कौन से जन सुरक्षा कानून लागू होंगे?
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य विधानसभा से हाल ही में पारित किए गए दो जन सुरक्षा विधेयकों को राज्यपाल आरएन रवि ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि ये नए कानून अगले हफ्ते से राज्य में लागू हो जाएंगे।
अधिकारी ने यह भी बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए बनाई गई समिति ने काम शुरू कर दिया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।
उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से कहा, पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026 और पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक, 2026 सोमवार से राज्य में लागू हो जाएंगे, जिन्हें हाल ही में विधानसभा ने पारित किया है। इन दोनों विधेयकों को 29 जून को विधानसभा में पारित किया गया था।
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पहले कानून में क्या प्रावधान है?
पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026 के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक पहले से हिरासत में रखा जा सकता है। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जा सकती है, जिन पर ऐसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, जिन्हें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा या सार्वजनिक शांति और व्यवस्था में बाधा माना जाता है।
दूसरे कानून में क्या है?
दूसरा विधेयक, यानी पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था रखरखाव (संशोधन) विधेयक, 2026, आगजनी, तोड़फोड़ और सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार पाए गए लोगों से मुआवजे की वसूली का प्रावधान करता है।