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जारांगे के वायरल ऑडियो के पीछे कौन?: भाजपा ने संजय राउत पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- राहुल के इशारे पर कर रहे काम
Sat, 24 Oct 2026 01:07 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:07 PM IST
सार
महाराष्ट्र में 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन से जुड़े वायरल ऑडियो पर सियासी विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने संजय राउत पर एआई से ऑडियो तैयार करने और राहुल गांधी से जुड़े होने का आरोप लगाया है। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं।
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नवनाथ बान, भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि पार्टी को बदनाम करने के 'कॉन्ट्रैक्ट' के पीछे राहुल गांधी का हाथ है। भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर एक एआई-जनरेटेड ऑडियो क्लिप बनाने का आरोप लगाया, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे को '500 करोड़ रुपये' दिए जाने का जिक्र है।
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भाजपा ने क्या दावा किया?
भाजपा का दावा है कि इस कथित साजिश का मकसद भाजपा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और जारांगे के बीच दरार पैदा करना था, ताकि इससे कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) को राजनीतिक फायदा मिल सके।
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नवनाथ बान ने क्या मांग की?
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने मांग की है कि राउत के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए (अगर जरूरी हो), और इस बात की जांच हो कि क्या शिवसेना (यूबीटी) सांसद को इस कथित ऑपरेशन के लिए (राहुल) गांधी से फंडिंग मिली थी।
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यहां पत्रकारों से बात करते हुए बान ने कहा, 'संजय राउत ने नवी मुंबई के वाशी में एक 'वॉर रूम' से यह साजिश रची। भाजपा को बदनाम करने का ठेका राउत ने राहुल गांधी से लिया है। पिछले कुछ दिनों से राउत लगातार गांधी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि राउत करीब दो महीने से इस ऑडियो क्लिप पर काम कर रहे थे। उन्होंने यूट्यूब पर मौजूद वॉयस सैंपल को जोड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया।
बान ने राउत पर क्या आरोप लगाया?
बान ने आरोप लगाया, 'राउत ने 'सामना' अखबार के दफ्तर में इन कथित बातचीत की स्क्रिप्ट तैयार की थी। पहले उन्होंने 100 करोड़ रुपये के आरोप के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में मीडिया का ज्यादा ध्यान खींचने के लिए इस रकम को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया।' बता दें कि 'सामना' शिवसेना (यूबीटी) का मराठी मुखपत्र है, जिसके प्रमुख उद्धव ठाकरे हैं।
ऑडियो क्लिप जारांगे तक कैसे पहुंची?
बान ने आरोप लगाया कि यह ऑडियो क्लिप बाद में छत्रपति संभाजीनगर के एक व्यक्ति को दी गई, जिसने इसे जारांगे तक पहुंचा दिया। उन्होंने दावा किया कि इस ऑडियो को इस तरह तैयार किया गया था ताकि भाजपा नेताओं, शिंदे और मराठा आरक्षण कार्यकर्ता की छवि खराब की जा सके और उनके बीच टकराव पैदा किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने क्या आदेश दिए?
विवाद के गहराने के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए, जबकि जारांगे ने एक निष्पक्ष विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की। यह कदम तब उठाया गया जब शिवसेना नेता रामदास कदम ने तीखे आरोप लगाए कि भाजपा के ही कुछ लोग जारांगे के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।
जारांगे ने क्या कहा?
जारांगे ने गुरुवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी की और आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई थी। उन्होंने यह रिकॉर्डिंग तब सार्वजनिक की, जब उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उन्हें अपने उन आरोपों को साबित करने की चुनौती दी, जिनमें कहा गया था कि शिंदे ने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए और इसे अपने बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए आगे पहुंचाया।
वायरल ऑडियो में क्या है?
वायरल ऑडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि श्रीकांत शिंदे (उपमुख्यमंत्री के बेटे) के जरिए जारांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। रिकॉर्डिंग में कुछ लोगों को 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र में जारांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को रोकने की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए भी सुना जा सकता है।
रिकॉर्डिंग में एक व्यक्ति जारांगे का अप्रत्यक्ष रूप से मुकाबला करने का सुझाव देता है और कहता है कि जारांगे का यह अभियान चुनावों में एक बड़ी चुनौती बन सकता है। जिसमें भाजपा को मराठा-विरोधी के रूप में पेश किया जा रहा है।