NCP नेतृत्व पर संशय बरकरार: प्रफुल्ल पटेल बोले- मैं अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं, शरद पवार को लेकर क्या कहा?
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व को लेकर असली तस्वीर क्या है? कौन संभालेगा एनसीपी की बागडोर? शरद पवार के साथ विलय की किनती संभवानाएं हैं? जब ये सभी सवाल और अटकलों का दौर शुरू हुआ, तब पार्टी के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल ने इस पूरे मामले में अपनी स्थिति साफ की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
विस्तार
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के भीतर नेतृत्व, पद और भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच एनसीपी के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल का नाम जब सामने आया तब उन्होंने एनसीपी नेतृत्व को लेकर अपना रुख साफ किया। इन अटकलों के बीच पटेल ने न सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबरों को खारिज किया, बल्कि यह भी समझाया कि पार्टी में फैसले कैसे और किस प्रक्रिया से लिए जा रहे हैं। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि वह एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हैं।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मैं एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हूं। पार्टी में नेतृत्व का फैसला पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को बारामती में विमान हादसे में हुई मौत के बाद पार्टी को लेकर कई भ्रामक और गलत बयान दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ है।
पार्टी नेतृत्व और आगे की प्रक्रिया
पटेल ने दोहराया कि पार्टी अध्यक्ष का फैसला उचित समय पर होगा। वह खुद उस पद के दावेदार नहीं हैं। अध्यक्ष कोई योग्य और सक्षम व्यक्ति होगा। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी मजबूत है और सही व्यक्ति को ही जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटेल ने कहा कि इस समय वह नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट के रूप में पार्टी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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पटेल ने समझाई पूरी प्रक्रिया
पटेल ने कहा कि वह अजित पवार के बाद पार्टी में बदलाव की भी पूरी प्रक्रिया को संभाल रहे हैं। उन्होंने समझाया कि एनसीपी के दो हिस्से होते हैं विधानमंडल दल (विधायकों वाला हिस्सा) और पार्टी संगठन का। पटेल के मुताबिक, विधानमंडल दल से जुड़ा फैसला पूरा हो चुका है, लेकिन पार्टी संगठन से जुड़े फैसले अभी बाकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मेदारी उनकी है, जबकि राज्य स्तर पर यह काम सुनील तटकरे देख रहे हैं।
क्या है राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर एनसीपी की स्थिति?
इसके साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय बनने की बात पर उन्होंने अपना रुख साफ कर दिया। प्रफुल्ल पटेल ने साफ शब्दों में कहा कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बने हैं। उनके नाम से चल रही खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और झूठी हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी शरद पवार के नेतृत्व में और अजित पवार के नेतृत्व में नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट थे और आज भी उसी भूमिका में हैं।
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सुनेत्रा पवार को लेकर क्या कहा?
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को लेकर भी पटेल ने विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि पहले सुनेत्रा पवार को विधानमंडल दल का नेता चुना गया। उसी दिन उन्हें महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। साथ ही उन्हें बीड़ और पुणे जिले की संरक्षक मंत्री बनाया गया। पटेल ने कहा कि यह फैसला जनता की भावना पार्टी विधायकों की राय को ध्यान में रखकर सर्वसम्मति से लिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं कि यह जल्दबाजी में या शोक के समय क्यों लिया गया, लेकिन यह पार्टी का अंदरूनी मामला है।
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बाहरी लोगों पर नाराजगी, क्या बोले पटेल?
इसके साथ ही प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि कुछ लोग जो पार्टी से जुड़े भी नहीं हैं, जिन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा। जिन्हें एक भी वोट नहीं मिला। वे भी पार्टी के फैसलों पर बयान दे रहे हैं, जो गैर-जिम्मेदाराना है।उन्होंने सवाल किया कि क्या राज ठाकरे या टीवी डिबेट में बोलने वाले लोग एनसीपी के फैसले तय करेंगे? उन्होंने कहा कि पार्टी अपने फैसले खुद लेगी।
शरद पवार गुट से विलय पर क्या कहा?
इसके साथ ही प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार के साथ विलय को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अभी पार्टी का ध्यान अपने अंदरूनी मामलों को सुलझाने पर है। शरद पवार गुट से विलय का मुद्दा फिलहाल एजेंडे में नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी संगठन का नेतृत्व तय होगा, उसके बाद ही दूसरे विषयों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा अंट में पटेल ने कहा कि एनसीपी एकजुट है, अजित पवार के परिवार के साथ पार्टी खड़ी है और सभी फैसले नियमों और प्रक्रिया के तहत लिए जाएंगे। उन्होंने अपील की कि पार्टी के अंदरूनी मामलों पर अनावश्यक बयानबाज़ी से बचा जाए।
