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'नरेंद्र मोदी डरते क्यों हैं'?: सीजेपी ने प्रधानमंत्री पर कसा तंज, दिपके बोले- पूरा देश बनेगा जंतर-मंतर
Mon, 12 Oct 2026 02:42 PM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:42 PM IST
सार
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की मान्यता नहीं देने पर सीजेपी ने सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है।
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अभिजीत दिपके
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और धरना देने की जगह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के मुताबिक, ऐतिहासिक जंतर-मंतर को अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थलों के तौर पर तय किया गया है। दिल्ली पुलिस के इस फैसले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह संयोजक सौरव दास ने सरकार पर निशाना साधा है।
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'अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा'
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिपके ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह के तौर पर हटा दिया गया है। हां, अब यह विरोध-प्रदर्शन की जगह नहीं रही, क्योंकि वैसे भी उस कायर तानाशाह ने इसे युद्ध का मैदान बना दिया था। अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा।
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‘मोदी की तानाशाही खत्म होने तक आंदोलन जारी रहेगा’
दिपके ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तानाशाही के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। आखिर ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों हैं कि उनके बचाव में सरकार और पुलिस को देश के नागरिकों से टकराव की स्थिति में आना पड़ रहा है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी दिपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों के साथ भी पुलिस मारपीट कर रही है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को टैग करते हुए सरकार पर अपने ही देश के लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
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'दादी के निधन के बीच परिवार को भी किया परेशान’
वहीं, महाराष्ट्र में पत्रकारों से बात करते हुए दिपके ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी दादी के निधन से परिवार पहले ही दुख में था। ऐसे समय में पुलिस के रवैये ने उनकी और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने उन्हें दादी के निधन की जानकारी दे दी थी, तो रात करीब 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागजात लेकर उनके पास क्यों पहुंची और हस्ताक्षर करने के लिए क्यों कहा? उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें माता-पिता से बात करने को कहा था, लेकिन उन्होंने उनकी खराब सेहत का हवाला देते हुए उस समय बात करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने चचेरे भाई से संपर्क करने की इच्छा जताई, लेकिन उनके अनुसार पुलिस ने फोन से नंबर निकालने नहीं दिया। दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस का मकसद उन्हें तनाव देना और पहले से दुखी उनके माता-पिता की परेशानी बढ़ाना था। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अपने परिवार के लिए मानसिक प्रताड़ना बताया।
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सरकार क्यों डरी हुई है?
जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने पर सीजेपी के सौरव दास ने सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पूछा है कि आखिर नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं? उन्होंने इस फैसले को सरकार की आलोचना करने और अपनी आवाज उठाने वाले लोगों के अधिकारों से जोड़ते हुए सवाल किया कि अगर सरकार जनता की आवाज सुनने के लिए तैयार है, तो विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह को ही सूची से हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? इस मुद्दे ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सरकार के प्रति असहमति जताने की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज कर दी है।