पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Zubair Appeal to Supreme Court, demand for cancellation of all six FIRs registered in UP

Mohammad Zubair Case: जुबैर की सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की गुहार, यूपी में दर्ज सभी एफआईआर रद्द करें

Mon, 18 Jul 2022 03:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 18 Jul 2022 03:46 PM IST
सार

जुबैर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की। उन्होंने एसआईटी के गठन को भी चुनौती दी।

विज्ञापन
Zubair Appeal to Supreme Court, demand for cancellation of all six FIRs registered in UP
मोहम्मद जुबैर - फोटो : ट्विटर

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ यूपी में दर्ज पांच एफआईआर में किसी तरह की त्वरित कार्रवाई पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने जुबैर की अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर पर यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट अब बुधवार को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा। 

विज्ञापन


जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा, शीर्ष अदालत द्वारा सीतापुर में दर्ज एक मामले में उन्हें जमानत दिए जाने के बाद से पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई का दुष्चक्र चल रहा है। ऐसा लगता है कि सभी प्राथमिकी की सामग्री एक जैसी ही है। पीठ ने कहा, हम 20 जुलाई, 2022 को इस मामले को सूचीबद्ध करने के लिए रजिस्ट्री को निर्देश देते हैं। इस बीच याचिकाकर्ता के खिलाफ इस अदालत की अनुमति के बिना पांच प्राथमिकी में से किसी के भी संबंध में कोई त्वरित कदम नहीं उठाया जाएगा। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल जनरल तुषार मेहता से इस मामले में अदालत की सहायता करने के लिए भी कहा। इससे पहले जुबैर को यूपी के सीतापुर में दर्ज प्राथमिकी में उन्हें अंतरिम जमानत दी गई थी। वहीं दिल्ली में दर्ज प्राथमिकी में जुबैर को जमानत मिल चुकी है। 
विज्ञापन


इससे पहले सोमवार सुबह वृंदा ग्रोवर ने सीजेआई के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई का आग्रह किया। इस पर सीजेआई ने ग्रोवर को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करने को कहा। दोपहर करीब सवा दो बजे वकील ने जस्टिस चंद्रचूड़ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। जिसके बाद पीठ ने तुरंत सुनवाई करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई का दुष्चक्र चल रहा 
जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी में कहा, जब एक मामले में जमानत दी जाती है तो उसके खिलाफ नया मामला लाद दिया जाता है। यहां पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई का दुष्चक्र जारी है। जुबैर के खिलाफ यूपी के सीतापुर, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर व गाजियाबाद में एक-एक और हाथरस में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।


एफआईआर दर्ज करने व गिरफ्तारी के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा हो रही 
जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा, जुबैर के खिलाफ एफआईआर ‘प्रक्रिया का दुरुपयोग’ है। एफआईआर दर्ज करने या उसे गिरफ्तार करने के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। यह कहा गया था कि हिंदुओं और हिंदू देवताओं पर निरंतर हमलों को रोकने के लिए प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और इसे धर्म के आधार पर निपटना चाहिए। एक वीडियो भी डाला गया था कि शिकायत कैसे दर्ज की जाए। ग्रोवर ने यह भी कहा, उन्हें मारने की धमकी दी जा रही है। यूपी पुलिस ने ऐसे किसी भी ट्विटर हैंडल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। एक ही विषय पर कई कार्यवाही शुरू की गई है। अब वे जुबैर को कोलकाता, मुंबई ले जाना चाहते हैं। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ये जमानत का आधार नहीं हो सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed