Jharkhand News: जंगली हाथियों का आतंक, तीन की मौत दो घायल, ग्रामीणों में दहशत
झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में झुंड से बिछड़े एक मस्त जंगली हाथी ने रिहायशी इलाकों में कहर बरपाया।
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झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में हाथियों के उत्पात से जहां आम जनजीवन दहशत में है, वहीं खेती-बाड़ी को भी भारी नुकसान हो रहा है। ताजा मामला पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा से सामने आया है, जहां जंगली हाथी के हमले में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये घटनाएं जिले के टोंटो और सदर प्रखंड क्षेत्रों में हुई हैं।
प्रभारी वनपाल मनीष सोय ने बताया कि एक नर जंगली हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया है और मस्त अवस्था में रिहायशी इलाकों में भटक रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अपने झुंड की तलाश में भटकते हुए हाथी ने आक्रामक रूप अपना लिया, जिसके चलते यह हादसे हुए। वन विभाग के अनुसार, झुंड से अलग हुए हाथी अक्सर हिंसक हो जाते हैं और मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं।
टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव में 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम की जंगली हाथी द्वारा कुचल दिए जाने से मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बिरसिंहहातु गांव में 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा और सदर प्रखंड के रोरो गांव में 57 वर्षीय विष्णु सुंडी की भी हाथी के हमले में जान चली गई। वहीं, बिरसिंहहातु गांव की दो महिलाएं मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हालांकि हाथी के दोबारा गांव की ओर लौट आने की आशंका से पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है।ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीर मुद्दा बना दिया है।