{"_id":"6a0f04172bba0388530bb90e","slug":"sir-process-in-jharkhand-from-june-20-each-blo-has-been-given-information-to-verify-1200-voters-ranchi-news-c-1-1-noi1475-4306862-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"SIR in Jharkhand: 20 जून से घर-घर पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम! झारखंड में हर वोटर का होगा बड़ा सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SIR in Jharkhand: 20 जून से घर-घर पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम! झारखंड में हर वोटर का होगा बड़ा सत्यापन
Thu, 21 May 2026 07:02 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 07:02 PM IST
सार
Jharkhand: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 20 जून से होगी। राज्यभर में करीब 50 हजार कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि प्रक्रिया में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
जानकारी देते मुख्य चुनाव आयुक्त के रवि कुमार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी दी कि आम जनता के लिए दो महत्वपूर्ण तारीखें जानना जरूरी हैं। एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 20 जून से 29 जुलाई तक चलेगी, जिसके दौरान मतदाताओं के नाम का सत्यापन किया जाएगा और उन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे भरकर हस्ताक्षर के साथ जमा करना होगा।
विज्ञापन
व्यापक स्तर पर की गई तैयारी
उन्होंने बताया कि पूरे झारखंड में इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारी की है। इसमें सीईओ कार्यालय, 5 डिविजनल कमिश्नर, 44 डीईओ, 81 ईआरओ, करीब 32 हजार बीएलओ और लगभग 4 हजार बीएलओ सुपरवाइजर सहित करीब 50 हजार कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन
सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचेगी टीम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि टीम राज्य के हर कोने और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचेगी। प्रत्येक बीएलओ को लगभग 1200 मतदाताओं के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बिहार में अब नए-नए इस रास्ते पर आवाजाही बंद; क्रैक के डर से कहां किया गया ऐसा?
बाधा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीएलओ को सभी आवश्यक सुविधाएं निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यदि उनके कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न की जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।