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झारखंड: रिम्स के डॉक्टरों ने एक इंच का चीरा लगाकर निकाला जटिल ब्रेन ट्यूमर
Sat, 24 Oct 2026 10:13 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sat, 24 Oct 2026 10:13 PM IST
सार
रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान के न्यूरोसर्जरी विभाग ने जटिल ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। धनबाद निवासी 42 वर्षीय सोनिया खातून के मस्तिष्क से ट्यूमर निकाला गया। मरीज न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस और ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं।
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राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के न्यूरोसर्जरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जटिल ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। डॉक्टरों की टीम ने धनबाद निवासी 42 वर्षीय मरीज सोनिया खातून के मस्तिष्क से ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। पीड़ित महिला लंबे समय से न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस एवं ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा दरअसल मस्तिष्क में होने वाले ब्रेन ट्यूमर का ही एक विशिष्ट प्रकार है। मरीज को इस ट्यूमर के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी थीं। इस कारण महिला को एनेस्थीसिया देने और सर्जरी की आवश्यक तैयारियां पूरी करने में काफी कठिनाइयां थीं और यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। मरीज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रिम्स की मेडिकल टीम ने ऑपरेशन से पहले विभिन्न संबंधित विभागों से आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श लिया और सभी औपचारिक क्लीयरेंस हासिल किए।
एक इंच का चीरा लगाकर निकाला ट्यूमर
रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश के कुशल नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया। सर्जिकल टीम ने मरीज के मस्तिष्क में लगभग एक इंच का चीरा लगाकर ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की। यह सफल सर्जरी सटीक सर्जिकल योजना, उच्च स्तर की चिकित्सकीय दक्षता और विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के बीच बेहतर तालमेल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है। मरीज की अत्यंत जटिल और जोखिम भरी स्थिति के बावजूद इस कठिन ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया, जिससे 42 वर्षीय महिला को फिर से स्वस्थ जीवन जीने की नई उम्मीद मिली है।
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डॉक्टरों की करीबी निगरानी में मरीज
सफल ऑपरेशन के बाद फिलहाल मरीज को डॉक्टरों की बेहद करीबी निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों को पूरी उम्मीद है कि स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने के साथ ही वह जल्द ही अपनी सामान्य दैनिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकेंगी। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची पूरे झारखंड के मरीजों को आधुनिक और उन्नत न्यूरोसर्जिकल इलाज उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा दरअसल मस्तिष्क में होने वाले ब्रेन ट्यूमर का ही एक विशिष्ट प्रकार है। मरीज को इस ट्यूमर के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी थीं। इस कारण महिला को एनेस्थीसिया देने और सर्जरी की आवश्यक तैयारियां पूरी करने में काफी कठिनाइयां थीं और यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। मरीज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रिम्स की मेडिकल टीम ने ऑपरेशन से पहले विभिन्न संबंधित विभागों से आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श लिया और सभी औपचारिक क्लीयरेंस हासिल किए।
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एक इंच का चीरा लगाकर निकाला ट्यूमर
रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश के कुशल नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया। सर्जिकल टीम ने मरीज के मस्तिष्क में लगभग एक इंच का चीरा लगाकर ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की। यह सफल सर्जरी सटीक सर्जिकल योजना, उच्च स्तर की चिकित्सकीय दक्षता और विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के बीच बेहतर तालमेल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है। मरीज की अत्यंत जटिल और जोखिम भरी स्थिति के बावजूद इस कठिन ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया, जिससे 42 वर्षीय महिला को फिर से स्वस्थ जीवन जीने की नई उम्मीद मिली है।
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डॉक्टरों की करीबी निगरानी में मरीज
सफल ऑपरेशन के बाद फिलहाल मरीज को डॉक्टरों की बेहद करीबी निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों को पूरी उम्मीद है कि स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने के साथ ही वह जल्द ही अपनी सामान्य दैनिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकेंगी। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची पूरे झारखंड के मरीजों को आधुनिक और उन्नत न्यूरोसर्जिकल इलाज उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।