Self Awareness: ओवरथिंकिंग से बढ़ता मानसिक तनाव, सही समय पर संयम और संतुलन बनाए रखना है जरूरी
Decision Making: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ध्यान भटकना आम बात है। लेकिन जरूरत से ज्यादा सोचने पर दिमाग उलझ जाता है और भावनाएं फैसलों पर हावी हो जाती हैं, इसलिए ऐसे समय में शांत रहकर समझदारी से निर्णय लेना जरूरी होता है।
विस्तार
Stress Management: अगर आपका ध्यान बार-बार भटक रहा है, दिमाग सुस्त लग रहा है और काम पर फोकस नहीं बन पा रहा, तो यह बिल्कुल सामान्य है। स्वाभाविक है कि इन्सानी दिमाग अनावश्यक विचारों में उलझ जाता है और आज की तकनीक इस समस्या को और बढ़ा देती है। जबकि सबसे अच्छा काम तभी होता है, जब हम किसी एक काम या विचार पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
तनाव की स्थिति में दिमाग डर से जुड़ी प्रतिक्रियाओं में फंस जाता है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और हम भावनाओं में आकर फैसले लेने लगते हैं। इसलिए ध्यान और संतुलन बनाए रखने के लिए बाहरी और आंतरिक शोर को कम करना बहुत जरूरी है।
प्राथमिकता निर्धारित करें
केवल उच्च-प्रभाव वाले कार्यों पर ध्यान दें और गैर-जरूरी मांगों को न कहना सीखें। 25 मिनट तक पूरी तरह से काम करें और उसके बाद पांच मिनट का ब्रेक लें। लगातार काम को छोटे-छोटे चरणों में करने के बाद, जब ऐसे चार चरण पूरे हो जाएं, तो एक लंबा आराम लेना चाहिए। साथ ही छोटे-छोटे सूक्ष्म-रीसेट, जैसे धीमी सांस लेना या शरीर की हल्की मुद्रा बदलना अपनाएं, जिससे ध्यान और मानसिक संतुलन मजबूत होता है।
वातावरण में बदलाव
एक ऐसा समर्पित कार्यक्षेत्र बनाएं, जहां ध्यान भटकाने वाली चीजें कम हों और बाहरी शोर को यथासंभव नियंत्रित किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर शोर कम करने वाले हेडफोन का उपयोग करें और शोरगुल वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। साथ ही डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं। फोन और कंप्यूटर पर गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद करें और ईमेल या संदेशों को बार-बार - तुरंत देखने के बजाय दिन में तय समय पर ही जांचें, ताकि ध्यान और उत्पादकता बनी रहे।
संज्ञानात्मक रणनीतियां अपनाएं
एक साथ कई कार्य करने से बचें, क्योंकि इससे ध्यान भटकता है और कार्यक्षमता कम हो जाती है। एक समय में एक ही कार्य पर ध्यान दें और उसे पूरा करने के बाद ही अगले कार्य पर जाएं। जब मन कई चिंताओं और मांगों से भरा हो, तो उन्हें लिख लें। इससे आपका दिमाग साफ होता है और आप अपने वर्तमान काम पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। साथ ही, एक नियमित दिनचर्या अपनाएं-जैसे कॉफी पीना या कार्यसूची की समीक्षा करना, जो मस्तिष्क को संकेत देती है कि अब ध्यान केंद्रित करने का समय है।
स्वयं की देखभाल
नींद की कमी से सोचने और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए हर रात सात से नौ घंटे अच्छी नींद लेना जरूरी है। नियमित शारीरिक गतिविधि मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ाती है, जिससे तनाव कम होता है। पर्याप्त पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें, क्योंकि मस्तिष्क को काम करने के लिए सही ऊर्जा चाहिए।