UPSSSC PET 2021: चौंका सकते हैं PET के परिणाम, जानें कैसे कम सवाल करने पर भी हो सकते हैं पास और ज्यादा सवाल बनाने पर भी हो सकते हैं फेल

Media Solution Initiative Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 20 Oct 2021 06:33 AM IST

सार

UPSSSC PET 2021: UPSSSC द्वारा 24 अगस्त को आयोजित की गई PET के परिणाम जल्द ही जारी किए जा सकते हैं। इस परीक्षा के परिणाम कई अभ्यर्थियों के लिए चौंकाने वाले हो सकते हैं।
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UPSSSC - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सभी अभ्यर्थी प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET) के महत्व को  जानते हैं और इसलिए वे बेसब्री से इसके परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। पूरे राज्य में यह परीक्षा 24 अगस्त को आयोजित की गई थी और इसमें लाखों की संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित की गई इस परीक्षा के परिणाम जल्द ही जारी किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि राज्य में UPSSSC द्वारा निकाली जाने वाली ग्रुप C की भर्तियों में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों का PET में उतीर्ण होना आवश्यक है। PET के लिए परिणामों की घोषणा होने के बाद राज्य में लेखपाल के 7882 पदों समेत हजारों ऐसे पदों पर भर्तियां होंगी, जिनमें सिर्फ PET में उतीर्ण होने वाले अभ्यर्थी ही हिस्सा ले सकेंगे। अगर आप भी लेखपाल भर्ती में शामिल होने जा रहे हैं, तो इसकी पक्की एवं बेहतर तैयारी के लिए आप सफलता के FREE UP लेखपाल ग्रामीण विकास E-Book - Download Now की सहायता ले सकते हैं। 



चौंका सकते हैं PET के परिणाम 
PET के लिए परिणामों की घोषणा इसी महीने में की जा सकती है। हालांकि PET के परिणाम कई अभ्यर्थियों को चौंका सकते हैं। दरअसल PET में नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था लागू की गई है। इसलिए ऐसा संभव है कि कम सवालों को हल करने वाले अभ्यर्थी भी सफल हो जाएं और ज्यादा सवालों को हल करने वाले अभ्यर्थी भी विफल हो जाएं। गौरतलब है कि UPSSSC द्वारा जिन परीक्षाओं का आयोजन एक से अधिक शिफ्ट्स में किया जाता है, उनमें नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था को लागू किया जाता है।

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क्यों होता है ऐसा 
प्रतियोगी परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था को अभ्यर्थियों की सहायता के लिए ही लागू किया जाता है। दरअसल, कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की यह शिकायत होती थी कि उनके शिफ्ट्स में कठिन प्रश्न आए हैं और दूसरे शिफ्ट्स में आसान प्रश्न आए थे। ऐसी स्थिति में मार्क्स के असमान वितरण को रोकने के लिए परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था लागू की जाती है।
इस व्यवस्था में एक फॉर्मूले के तहत कठिन शिफ्ट वाले अभ्यर्थियों को कुछ एक्स्ट्रा मार्क्स दिया जाता है और आसान शिफ्ट वाले अभ्यर्थियों का कुछ मार्क्स काट लिया जाता है , ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान रूप से मौका मिल सके। इसलिए PET में भी यह संभव है कि अगर आपके शिफ्ट में आसान प्रश्न आए थे तो आपका नंबर कम हो जाए और अगर कठिन प्रश्न आए थे तो आपका नंबर कुछ बढ़ जाए।  

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