जिम के ये मानव परिंदे हैं, जिम करते वक्त होते अचानक ही क्यों शर्मिंदा है?
प्रोटीन तंत्र से अपने जीवन का मंत्र बनाया।
आर्थिक पहलू को शारीरिक एवं मानसिक सुंदरता पाने हेतु जीवन का आधार मूल प्रेरणादायक परिपूर्ण बनाया।
जिम का बाजार खो...और पढ़ें
खुशी के पल दो ही सही बचाकर इनको रखना नही
बांट देना पल वो सभी जिनके पास कुछ भी नही
जितना हमे मिला है वो क्या कम है सोचो अभी
कल क्या हो क्या नही इसकी चिंता करो न अभी
खुशी के पल दो ही सही..........
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उठे जो कदम मंजिल की ओर, तो राह में आए कांटे
और टूटने वाले लगाव नहीं देखे जाते।
जब उतर चुके हो मैदान-ए-जंग में युद्ध के लिए
तो इसमें लगने वाले घाव नहीं देखे जाते।
मत बंधे रहो, किसी जंजीरों में,
कुछ नहीं रखा क...और पढ़ें
'बंदे मातरम्' राष्ट्रीय गीत
'चटर्जी बंकीम चन्द्र' रचित
हुए रचना के पूरे, १५० वर्ष
स्मरणोत्सव मना रहा भारतवर्ष।
संविधान सभा से हो स्वीकृत
सन् '५० में बना राष्ट्रीय गीत
राष्ट्रीय स...और पढ़ें
अकेला शब्द अधूरा अधूरा
तन्हा तन्हा लगता है
शब्द मिलकर सफर करते अच्छे लगते हैं
कभी छोटा सा वाक्य का सफर
कभी बहुत अलग सुर ताल के इकठ्ठा हो
एक लम्बे लेख का सफर
कभी कुछ कठोर कुछ निर्मल कुछ कोमल
अलग अलग रस...और पढ़ें
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में रविवार को 'मेरा रंग फाउंडेशन' के नवें वार्षिकोत्सव पर आयोजित संगोष्ठी ‘जब स्त्री बोलती है’ में महिला सशक्तिकरण के कई संवेदनशील पहलुओं पर गंभीर चर्चा हुई। राजनीति में ट्रोलिंग से लेकर घरेलू हिंसा, एसिड सर्वाइवर्स की...और पढ़ें
घाट-घाट में घुट-घुट का अपमान पिया,
घाट-घाट में घुट-घुट अपमान सहा जिया।
परंतु दिल टूटा है आज मेरा तूने
जीवन यात्रा संघर्ष सवेरे कष्ट में
वास्तविक प्रवाहमय शाब्दिक तौर पर लड़ना बता दिया
भूखे धोखे के घाव अपमान मार्मिक...और पढ़ें
भारती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने सांस्कृतिक परिषद, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से 29 और 30 सितंबर, 2025 को अंतर-महाविद्यालय ललित कला प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। यह आयोजन कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया और इसका मार्गदर्शन सांस्कृतिक परिषद के...और पढ़ें
ज्यादा बोलने से
ज्यादा दूसरों के बारे में सोचने से
ज्यादा दूसरों से ज्ञान की चर्चा करने से
ज्यादा दूसरों को झूठी शान दिखाने से
दूसरों के जीवन में ज्यादा दखल अंदाजी करने से
नुकसान यह काम करने वाले का ही होता है
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'मल्टी-टैलेंटेड हनुमान जी', धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (श्री बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर) द्वारा लिखित एक विशेष पुस्तक है, जिसका आधिकारिक रूप से विमोचन कर दिया गया है। यह पुस्तक इन्विसिवल पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित की गई है, जिसका नेतृत्व सागर सेत...और पढ़ें