फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   Why Stress May Be More Dangerous for Women Heart health and heart attack risk

हार्ट हेल्थ: महिलाओं के लिए कितना खतरनाक है स्ट्रेस, ये रिपोर्ट खोल देगी आपकी आंख; जानलेवा समस्याओं का भी खतरा

Tue, 27 Oct 2026 12:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 27 Oct 2026 12:04 PM IST
सार

Stress And Heart Disease: लगातार तनाव महिलाओं के दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों में तनाव के दौरान दिल तक खून का प्रवाह घटने और खून के थक्के बनने की प्रवृत्ति बढ़ने के संकेत मिले हैं। एससीएडी जैसी गंभीर बीमारी से भी हार्ट अटैक हो सकता है। 

विज्ञापन
Why Stress May Be More Dangerous for Women Heart health and heart attack risk
स्ट्रेस से हार्ट को खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI

विस्तार

सेहत का ख्याल रखने की बात आती है तो हम सभी शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की कोशिशों में लग जाते हैं, पर क्या आप अपने मेंटल हेल्थ की ओर ध्यान देते हैं? ये सवाल इसलिए उठता है क्योंकि कई अध्ययन इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसमें से एक में भी होने वाली समस्या का असर दूसरे स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लगातार स्ट्रेस बने रहने जैसी स्थितियां भी दीर्घकालिक रूप में सेहत पर असर डाल सकती हैं, महिला और पुरुष दोनों को इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।

विज्ञापन


देखा जाता रहा है कि महिलाएं अक्सर घर, परिवार, बच्चों और काम की जिम्मेदारियों के बीच अपनी परेशानियों को नजरअंदाज कर देती हैं। पैसों की चिंता हो या किसी अपने को खोने का दुख, तनाव जिंदगी का हिस्सा बन जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार तनाव दिल की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है? खासकर महिलाओं के मामले में इसके असर को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
विज्ञापन


आखिर तनाव महिलाओं के दिल को कैसे प्रभावित करता है और बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक कैसे आ जाता है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।

Trending Videos

Why Stress May Be More Dangerous for Women Heart health and heart attack risk
हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock

महिलाओं में स्ट्रेस के कारण होने वाली दिक्कतें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पुरुष हो या महिला लगातार स्ट्रेस में रहना किसी की भी सेहत के लिए भी ठीक नहीं है। क्रॉनिक स्ट्रेस को शरीर और मन, दोनों की सेहत के लिए नुकसानदायक पाया गया है। लेकिन कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि दिल की सेहत के मामले में तनाव का असर महिलाओं पर पुरुषों की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकता है।

अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी में साल 2014 में एक अध्ययन किया गया था। इसमें दिल की बीमारी से जूझ रहे 310 लोगों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में रखकर उनके शरीर पर पड़ने वाले असर को समझने की कोशिश की गई।
 

  • जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि तनाव की स्थिति में महिलाओं के दिल तक पहुंचने वाले खून का संचार कम होने की आशंका ज्यादा थी।
  • साथ ही, उनके खून में प्लेटलेट्स के आपस में चिपकने की प्रक्रिया भी बढ़ सकती थी।


प्लेटलेट्स खून में मौजूद छोटी-छोटी कोशिकाओं जैसी संरचनाएं होती हैं, जो चोट लगने पर खून का बहना रोकने के लिए थक्का बनाने में मदद करती हैं। लेकिन जब खून में जरूरत से ज्यादा थक्का बनने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, तो इससे रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा हो सकती है। 

दिल तक खून कम पहुंचना और खून के थक्के बनने की संभावना बढ़ना, दोनों ही हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकते हैं। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी हो सकता है।

विज्ञापन

Why Stress May Be More Dangerous for Women Heart health and heart attack risk
स्ट्रेस का दिल की सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
तनाव से दिल की एक और खतरनाक बीमारी का खतरा

तनाव का असर सिर्फ दिल तक खून पहुंचने या खून के थक्के बनने तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति को भी ट्रिगर कर सकता है, जिसे स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी  डिसेक्शन (एससीएडी) कहा जाता है।

आसान भाषा में समझें तो इस स्थिति में दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों की अंदरूनी दीवार में अचानक दरार या चीरा पड़ जाता है। इससे खून धमनी की दीवार की परतों के बीच पहुंच सकता है और खून के सामान्य प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकता है। नतीजतन, दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और हार्ट अटैक हो सकता है।

कभी-कभी यह समस्या अचानक गंभीर शारीरिक या भावनात्मक तनाव के बाद सामने आ सकती है। उदाहरण के लिए, भारी वजन उठाना या किसी बेहद करीबी व्यक्ति को खोने का गहरा सदमा।
 
  • ऐसी परिस्थितियों में शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन तेजी से बढ़ते हैं। 
  • तनाव के दौरान इनका अचानक बढ़ना दिल और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डाल सकता है। यदि धमनी की दीवार कमजोर हो, तो ऐसी स्थिति समस्या को बढ़ा सकती है।
विज्ञापन

Why Stress May Be More Dangerous for Women Heart health and heart attack risk
महिलाओं में हार्ट अटैक के मामले - फोटो : Adobe stock photos

एससीएडी के ज्यादातर मामले महिलाओं में क्यों सामने आते हैं?

स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन के मामलों में महिलाओं की संख्या काफी अधिक देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, एससीएडी के कुल मामलों में महिलाओं की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत तक हो सकती है। ये स्थिति युवा से लेकर बुजुर्ग तक किसी भी उम्र की महिला में देखी जा सकती है।

महिलाओं में दिल और उसके आसपास की रक्त वाहिकाओं की बनावट तथा उनकी संरचना से जुड़े अंतर इस बीमारी को समझने में अहम हो सकते हैं। 
 

  • इस बीमारी की एक खास बात यह भी है कि यह उन महिलाओं में हार्ट अटैक का प्रमुख कारण बन सकती है, जिनमें आमतौर पर दिल की बीमारियों के सामान्य जोखिम कारक जैसे कोलेस्ट्रॉल की ज्यादा दिक्कतें नहीं होती हैं।
  • यानी किसी महिला का ब्लड प्रेशर सामान्य हो, कोलेस्ट्रॉल ठीक हो और उसे डायबिटीज भी न हो, तब भी एससीएडी के कारण उसमें हार्ट अटैक होने की आशंका बढ़ सकती है।


स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इन जोखिमों को देखते हुए सभी महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर खास सावधानी बरतते रहना चाहिए। आमतौर पर हम स्ट्रेस को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं पर जो रिपोर्ट्स सामने आई हैं वो बताती हैं कि क्रॉनिक स्ट्रेस कई बार जानलेवा स्वास्थ्य स्थितियों को बढ़ाने वाली भी हो सकती है, यही कारण है कि सभी लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थय को लेकर भी अलर्ट रहना चाहिए।  



--------------
स्रोत: 
Sex Differences in Platelet Reactivity and Cardiovascular and Psychological Response to Mental Stress in Patients With Stable Ischemic Heart Disease: Insights From the REMIT Study


अस्वीकरण: ये रूपायन में प्रकाशित कंटेट है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed