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जानना है जरूरी: AQI ‘Very Poor’ होते ही शरीर में क्या होता है? जानिए सेहत पर प्रदूषण का असर
Tue, 27 Oct 2026 09:10 AM IST
श्रुति गौड़
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Tue, 27 Oct 2026 09:10 AM IST
सार
Health Effects of Air Pollution: ये सवाल हम में से हर किसी के जहन में एक न एक बार अवश्य आता है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं इसका जवाब डिटेल में....
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खराब हवा में सांस लेना कितना खतरनाक?
- फोटो : AI
Health Effects of Air Pollution: हर साल की तरह इस साल भी दिल्ली एनसीआर और उसके आस-पास के शहरों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है और AQI का स्तर खराब होने पर लोगों की चिंता भी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि हवा की खराब गुणवत्ता हमारी सेहत को किस तरह प्रभावित कर सकती है और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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खराब हवा में सांस लेना कितना खतरनाक?
- फोटो : Adobe Stock
AQI ‘Very Poor’ होने पर शरीर में क्या-क्या होता है?
भारत के राष्ट्रीय AQI पैमाने के अनुसार, 301–400 AQI को ‘Very Poor’ श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
1. फेफड़ों में सूजन और जलन
प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण श्वसन तंत्र में जलन और सूजन पैदा कर सकते हैं। खांसी, सांस लेने में परेशानी और फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी महसूस हो सकती है।
भारत के राष्ट्रीय AQI पैमाने के अनुसार, 301–400 AQI को ‘Very Poor’ श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
1. फेफड़ों में सूजन और जलन
प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण श्वसन तंत्र में जलन और सूजन पैदा कर सकते हैं। खांसी, सांस लेने में परेशानी और फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी महसूस हो सकती है।
खराब हवा में सांस लेना कितना खतरनाक?
- फोटो : AI
2. अस्थमा और एलर्जी की परेशानी बढ़ना
अस्थमा के मरीजों में घरघराहट, खांसी और सांस फूलने की समस्या बढ़ सकती है। एलर्जी से परेशान लोगों को भी लक्षण अधिक महसूस हो सकते हैं।
3. दिल की सेहत पर असर
वायु प्रदूषण शरीर में सूजन और रक्त वाहिकाओं के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक संपर्क रहने पर हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
अस्थमा के मरीजों में घरघराहट, खांसी और सांस फूलने की समस्या बढ़ सकती है। एलर्जी से परेशान लोगों को भी लक्षण अधिक महसूस हो सकते हैं।
3. दिल की सेहत पर असर
वायु प्रदूषण शरीर में सूजन और रक्त वाहिकाओं के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक संपर्क रहने पर हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
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खराब हवा में सांस लेना कितना खतरनाक?
- फोटो : Freepik.com
4. आंखों और गले में जलन
प्रदूषक तत्वों के संपर्क में आने से आंखों में लालिमा, पानी आना, गले में खराश और नाक में जलन हो सकती है।
5. थकान और सांस फूलना
प्रदूषित हवा में शारीरिक गतिविधि करने पर कुछ लोगों को जल्दी थकान, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। लक्षणों की गंभीरता व्यक्ति की सेहत और प्रदूषण के संपर्क पर निर्भर करती है।
प्रदूषक तत्वों के संपर्क में आने से आंखों में लालिमा, पानी आना, गले में खराश और नाक में जलन हो सकती है।
5. थकान और सांस फूलना
प्रदूषित हवा में शारीरिक गतिविधि करने पर कुछ लोगों को जल्दी थकान, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। लक्षणों की गंभीरता व्यक्ति की सेहत और प्रदूषण के संपर्क पर निर्भर करती है।
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खराब हवा में सांस लेना कितना खतरनाक?
- फोटो : AI
AQI Very Poor होने पर क्या सावधानियां बरतें?
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- बाहर निकलना कम करें: खासकर दौड़ने, जॉगिंग और खुले में भारी व्यायाम से बचें।
- बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें: अस्थमा, फेफड़ों या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- मास्क का इस्तेमाल करें: बाहर जाना जरूरी हो तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क महीन कणों के संपर्क को कम करने में मदद कर सकता है।
- घर के अंदर प्रदूषण कम रखें: धूम्रपान, कचरा जलाने और धुएं के अन्य स्रोतों से बचें।
- AQI की नियमित जांच करें: अपने शहर की हवा की गुणवत्ता CPCB के आधिकारिक पोर्टल पर देखें।
- लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से संपर्क करें: सांस लेने में गंभीर परेशानी या सीने में दर्द होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।