पेरेंटिंग टिप्स: बच्चे का स्क्रीन टाइम करना है कम? सबसे पहले माता-पिता बदलें अपनी ये आदतें
Parenting Tips: कई बार बच्चे घंटों स्क्रीन पर वीडियो देखते हैं या गेम खेलते रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, खेलकूद और नींद का रूटीन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करना माता-पिता के लिए एक चुनौती बन जाता है।
विस्तार
Parenting Tips in Hindi: आजकल बच्चों में मोबाइल, टीवी और टैबलेट इस्तेमाल करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई बार बच्चे घंटों स्क्रीन पर वीडियो देखते हैं या गेम खेलते रहते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, खेलकूद और नींद का रूटीन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करना माता-पिता के लिए एक चुनौती बन जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों की इस आदत को सुधारने के लिए सबसे पहले माता-पिता को अपनी कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी है?
खुद मोबाइल का इस्तेमाल कम करें
बच्चे अपने माता-पिता को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं। अगर आप हर समय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, तो बच्चा भी ऐसा ही करने की कोशिश कर सकता है। इसलिए बच्चों के सामने फोन का इस्तेमाल सीमित करें। जब आप परिवार के साथ हों, तो फोन को दूर रखें।
खाना खाते समय फोन दूर रखें
माता-पिता खाने की मेज पर मोबाइल इस्तेमाल करने से बचें। परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर खाना खाएं और बातचीत करें। इससे बच्चे को भी भोजन के समय स्क्रीन से दूर रहने की आदत पड़ेगी।
बच्चे के साथ समय बिताएं
अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर माता-पिता बच्चे के साथ खेलें, कहानियां पढ़ें या उसकी पसंद की गतिविधियों में हिस्सा लें। इससे बच्चा मोबाइल के बजाय दूसरी गतिविधियों में रुचि लेने लगेगा।
मोबाइल की जगह बच्चे को दें दूसरे विकल्प
जब बच्चा जिद करे या बोर हो, तो माता-पिता को उसे तुरंत मोबाइल देने के बजाय उससे बात करें या किसी दूसरी गतिविधि में व्यस्त करें। इससे वह हर बार मनोरंजन या मन बहलाने के लिए स्क्रीन पर निर्भर नहीं होगा। उसे ड्राइंग, पेंटिंग, किताबें पढ़ने, पजल सुलझाने और आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। जब बच्चे के पास मनोरंजन के दूसरे विकल्प होंगे, तो वह स्क्रीन पर कम समय बिता सकता है।
घर में स्क्रीन टाइम के नियम बनाएं
बच्चे के मोबाइल इस्तेमाल करने का समय तय करें और इन नियमों का पालन खुद भी करें। सोने से पहले और पढ़ाई के दौरान मोबाइल से दूरी बनाए रखने की आदत डालें। वहीं ध्यान दें कि बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है और कितनी देर तक देख रहा है। उसकी उम्र के अनुसार सुरक्षित और उपयोगी कंटेंट चुनने में मदद करें। केवल पाबंदी लगाने के बजाय उसे स्क्रीन टाइम संतुलित रखने का कारण भी समझाएं।