Delhi To Lucknow Train: दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे में! बुलेट ट्रेन बदलेगी उत्तर भारत की यात्रा
Delhi Lucknow Bullet Train: क्या दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे में पहुंचा जा सकेगा?
प्रस्तावित दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर के तहत दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग 2 घंटे से 2 घंटे 10 मिनट में पूरी करने का लक्ष्य है। फिलहाल यह परियोजना योजना और विकास के चरण में है तथा इसके पूरा होने के बाद यात्रा समय में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
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विस्तार
Delhi- Lucknow Distance: दिल्ली और लखनऊ के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आने वाले वर्षों में यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है। केंद्र सरकार ने देश में नए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के तहत दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को आगे बढ़ाने की दिशा में काम तेज किया है। इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होने का लक्ष्य है, जबकि अभी यही सफर ट्रेन, सड़क या हवाई मार्ग से काफी अधिक समय लेता है।
वर्तमान में दिल्ली से लखनऊ के बीच वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, तेजस और अन्य सुपरफास्ट ट्रेनें चलती हैं, जिनमें यात्रा सामान्यतः 5:30 से 9 घंटे के बीच पूरी होती है। सड़क मार्ग से यह दूरी ट्रैफिक के अनुसार लगभग 6- 8 घंटे में तय होती है, जबकि उड़ान का समय करीब 1 से 1.5 घंटे है, लेकिन एयरपोर्ट तक पहुंचने और चेक-इन जैसी प्रक्रियाओं के कारण कुल यात्रा समय अधिक हो जाता है।
अगर प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर तय समय पर पूरा होता है, तो यह उत्तर भारत की यात्रा, पर्यटन, व्यापार और निवेश के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि अभी यात्रा में कितना समय लगता है, प्रस्तावित रूट क्या है और भविष्य में यह सफर कितना आसान हो जाएगा।
अभी दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में कितना समय लगता है?
फिलहाल दिल्ली-लखनऊ का सफर करने वाले यात्रियों के पास तीन प्रमुख विकल्प हैं,
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ट्रेन, जोकि लगभग 6-9 घंटे में सफर को पूरा करती है। ट्रेन आधार पर समय घट या बढ़ सकता है।
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फ्लाइट से सफर तय कर रहे हैं तो उड़ान 1-1.5 घंटे में और बाकि एयरपोर्ट प्रक्रियाओं सहित कुल समय अधिक लग सकता है।
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सड़क मार्ग से लेकर 6 से 9 घंटे लग सकते हैं, ये समय ट्रैफिक पर निर्भर करता है।
इसी वजह से हाई-स्पीड रेल परियोजना को गेम चेंजर माना जा रहा है।
क्या है बुलेट ट्रेन कॉरिडोर?
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, उत्तर भारत के सबसे महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसके जरिए दिल्ली, नोएडा/जेवर, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज गति वाली रेल सेवा से जोड़ने की योजना है। अंतिम स्टेशन और रूट परियोजना के डिजाइन और स्वीकृतियों के अनुसार तय होंगे।
किन शहरों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से कई प्रमुख शहरों को लाभ मिलने की संभावना है। जैसे,
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दिल्ली
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नोएडा/जेवर
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आगरा
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कानपुर
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लखनऊ
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प्रयागराज
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वाराणसी
इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, मेडिकल यात्रा और रोजगार के लिए आवागमन अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकता है।
यात्रियों के लिए क्या बदल जाएगा?
यदि परियोजना तय योजना के अनुसार पूरी होती है तो,
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दिल्ली से लखनऊ का सफर लगभग 2 घंटे में संभव हो सकता है।
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बिजनेस ट्रैवल और वीकेंड ट्रिप आसान हो सकते हैं।
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सड़क और पारंपरिक रेल नेटवर्क पर दबाव कम हो सकता है।
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पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।